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| सांकेतिक तस्वीर |
पीड़ितों की उम्र 9-10 साल की है। आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी रैगिंग की और उनके निजी अंगों को मांजे से बांध दिया। यह बातें प्रभानी के पुलिस उपाधीक्षक संजय परदेसी ने बताईं।
घटना गणेश वेद पाठशाला में 26 अगस्त और 12 सितंबर के बीच घटित हुई। यह पाठशाला परभानी के बास्मत रोड पर स्थित है और मुंबई से 500 किलोमीटर की दूरी पर है। घटना पिछले बुधवार को सामने आई जब पीड़ितों के माता-पिता ने इसके बारे में पुलिस से शिकायत की। परदेसी ने कहा, 'आरोपियों ने बच्चो की रैगिंग की, उनके प्राइवेट पार्ट्स को मांजे से बांध दिया और उनकी पिटाई की। इस वजह से उनके निजी अंगों में चोट लग गई।'
अधिकारी ने बताया कि पीड़ित छात्रों ने घटना की शिकायत वेदशाला के निदेशक सुधीर कुलकर्णी से की लेकिन उनकी बातों को अनुसना कर दिया गया। इसके बाद छात्रों ने माता-पिता को आपबीती सुनाई। जिन्होंने परभानी सिटी पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई। इसी वजह से कुलकर्णी को शनिवार को पीड़ितों की शिकायत अनसुनी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं दोनों आरोपी 10 और 13 साल की उम्र के हैं। उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
परदेसी मे कहा कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 326 के साथ ही महाराष्ट्र रैगिंग अधिनियम और जुवेनाइल जस्टिस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान हमें पता चला कि पाठशाला में केवल 6 बच्चों ने दाखिला लिया है। उसका रजिस्ट्रार ऑफिस में पंजीकरण नहीं हुआ है और यह अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। कुलकर्णी को स्थानीय कोर्ट के सामने पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं दोनों आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया। जहां से उन्हें रिमांड होम भेजा गया है।

