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Thursday, 19 December 2019

RPP NEWS

ब्रेकिंग न्यूज़: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भड़के सपाई,महराजगंज,सिद्धार्थनगर, बस्ती से 370 हुए गिरफ्तार

आर.पी.पी न्यूज़:न्यूज़ डेस्क (उत्तर प्रदेश) गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी जिलों में किसानों की समस्याओं और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सपाइयों का धरना-प्रदर्शन जारी है। वहीं, पुलिस भी ढील बरतने के मूड में नहींहै। पहले से चेताया जा चुका है कि किसी ने भी जिले की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खबर लिखे जाने तक महाराजगंज में 250, सिद्धार्थनगर में 70 और बस्ती में सपा जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ यादव समेत 50 सपा कार्यकताओं को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं, गोरखपुर में भी नगर निगम में प्रदर्शन कर रहे सपाइयों को हिरासत में लेने की तैयारी की जा रही है।

सिद्धार्थनगर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कलेक्ट्रेट पर धरना देने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जय किसान इंटर कॉलेज में अस्थाई जेल बनाकर बंद कर दिया है। 

एसडीएम सदर और सीओ सदर के नेतृत्व में पुलिस की टीम पहले सपा कार्यकर्ताओं कार्यालय पर ही नजरबंद कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। जिस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेते हुए जय किसान इंटर कॉलेज सनई में गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान पूर्व विधायक विजय पासवान, अजय चौधरी, मणीन्द्र मिश्र, इंद्रासना त्रिपाठी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राइनी आदि मौजूद रही है।
महाराजगंज:  महाराजगंज में नागरिकता संशोधन विधेयक बिल का विरोध कर रहे समाजवादी पार्टी के करीब 250 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोतवाली और पुलिस लाइन में रखा । पुलिस लाइन परिसर में समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक समेत तमाम कार्यकर्ता रखे गए हैं। कोतवाल सर्वेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर छोड़ दिया जाएगा।
इससे पहले सुबह समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर से प्रदर्शन शुरू किया। इसे देखते हुए पुलिस ने उन्हें फरेंदा रोड पर जगह-जगह रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए सभी कार्यकर्ता शहर के सक्सेना चौक पर पहुंचे,  यहां सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया सभी कार्यकर्ताओं ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक देश हित में नहीं है। सपाइयों के आक्रोश को देखते हुए कई थानों की पुलिस सक्सेना चौक पर जमी रही।
इस दौरान निवर्तमान जिलाध्यक्ष राजेश यादव, सपा नेता सैयद अरशद आमिर खान दिलीप शुक्ला जगदंबा गुप्त राममिलन अतुल पटेल रामनिवास अमित चौबे विनोद गुप्त के अलावा तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे

गोरखपुर में हिरासत में लेने की तैयारी
गोरखपुर में सपाइयों ने गुरुवार सुबह नगर निगम परिसर में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया था। निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव के नेतृत्व में सपाई सुबह 10.30 बजे ही निगम पहुंच गए। उधर पहले से सतर्क प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने सपाइयों से पहले ही निगम में मोर्चा संभाल लिया था ।

यही नही बेतियाहाता स्थित सपा कार्यालय से लेकर नगर निगम के बीच भी जगह जगह भारी पुलिस बल तैनात रहा। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने चेताया है कि किसी ने भी जिले की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एनआरसी व सीएए का विरोध कर रहे सपा जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ यादव समेत 50 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी कलेक्ट्रेट परिसर जाते समय हुई। शास्त्री चौक और कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि बुधवार को परमिशन लेने आए थे।

जिले में पहले से धारा 144 लगी होने के कारण अनुमति नहीं दी गई। पार्टी पदाधिकारियों से प्रदर्शन स्थगित करने को कहा गया। धारा 144 का उल्लंघन करने पर प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके विरुद्ध धारा 188 व शांतिभंग की आशंका में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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Saturday, 7 December 2019

RPP NEWS

सऊदी अरब में फंसे कुशीनगर और गोपालगंज के 12 युवक,प्रशासन से लगाई मदद कि गुहार

आर.पी.पी न्यूज़:(उत्तर प्रदेश) 
महराजगंज कुशीनगर व गोपालगंज के विदेश में फंसे राजेंद्र मौर्य,मोनडल कैलास,वसीम फिरोज, बिकाऊ साह ,मो. जमील हुसैन,हिदायत अली ,सकबाल ,धनश्याम ठाकुर,रिजवान,आरिफ व शंकर पटेल-ये 12 लोग एक एक कर के भारत से सउदी अरब मे गए थे ! तब से कुछ वर्षो तक इन लोगो की सैलरी बराबर मिलती रही जब ये लोग आफिस रियाद कपिल के पास आये तो कपिल यहा शारिरिक प्रताड़ित करने लगा और डंडे से मारने लगा इसके बावजूद सैलरी देना भी बंद कर दिया जब  पिछले कुछ महीने इन लोगो को बर्दाश्त से बाहर होने लगा तो बोले की हमे अपने घर भारत वापस जाना है तो कोई सुनवाई नही हुई और आज पांच छः वर्ष के आसपास हो गया है !
हम लोग मजबूर और असहाय हो चुके हैं सिर्फ यह बोलता है की छ महिने कार्य करो हम तुम लोगो को घर भेज देगें पर ऐसा होता नही है हम लोगो का ऐजेंट जो भारत का  है जिसका दिल्ली/मुम्बई आफिस से भेजवाया गया है वह हम लोगो को गलत जगह पर फंसा दिया गया है और हम लोगो से मोटा पैसा लेकर हम लोगो को मरने पर मजबूर कर दिया है जबकि हम 12 लोगो मे से सभी वयक्ति भयभीत है अब यहा शायद मरना आसान हो चुका है हम लोगो की शिकायत कोई नही सुनता है बार बार ऐजेंट से भी बात करने पर सब कूछ ठीक हो जाने को कहकर फोन काट देता है इधर हम लोगो का कपिल सिर्फ 50 रियाल देता है जिससे किसी तरह से हम 12 लोगो का खाना बहुत मुश्किल से हो पाता है उधर भारत मे हम लोगो के घर वालो का रो रोकर बुरा हाल हो चुका है।
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Wednesday, 13 November 2019

RPP NEWS

पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बिगड़ी तबियत पीजीआई में भर्ती, साँस लेने में हो रही तकलीफ

आर.पी.पी न्यूज़:लखनऊ: पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की तब‍ियत आज दिन बुधवार शाम खराब होने पर पीजीआई में भर्ती  कराया गया है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। ईएनटी और पल्मोनरी विभाग में उनका इलाज चल रहा है। उनके साथ में पुुुुत्र अखिलेश यादव भी हैं। 
मुलायम सिंह यादव की तबियत बिगड़ने के बाद पीजीआई में भर्ती कराया गया। उन्हें पहले भी कई बार तबियत बिगड़ने पर भर्ती किया जा चुका है। फिलहाल उन्हें ईएनटी और पलमोनरी विभाग के डॉक्टर देख रहे हैं। पीजीआइ के इआरएस टू में भर्ती हैं, उनका शाम साढ़े छह बजे अल्ट्रासाउंड कराया गया। गैस्ट्रो विभाग के डॉ समीर महेंद्र भी उन्हें देख रहे हैं। इससे पहले गत 25 जून को मुलायम को तबियत खराब होने के चलते लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई की इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया था। दरअसल, मुलायम सिंह को बढ़ते शुगर लेवल की शिकायत थी। उनका अचानक शुगर लेवल बढ़ जाने के कारण उन्हें बार-बार अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। गौरतलब है कि लोकसभा में शपथ लेने के दौरान भी मुलायम सिंह व्हीलचेयर पर ही पहुंचे थे और तय समय से पहले ही शपथ ली थी। वहीं वहीं जून में भी तब‍ियत ब‍िगड़ने पर उन्हें लोहिया अस्पताल में भी भर्ती किया गया था।
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Saturday, 9 November 2019

RPP NEWS

अयोध्या फैसले के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद, सुरक्षा बल अलर्ट

अयोध्या फैसले के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद, सुरक्षा बल अलर्ट

चंद्रभूषण सिंह 
आर पी पी न्यूज़ : डिजिटल डेस्क - उत्तर प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में रात 12:00 बजे से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सेवाओं पर अगले 24 घंटे तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के आज आने वाले फैसले के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। 
इसी क्रम में कानपुर में अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अलीगढ़ के डीएम ने भी इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि  24 घंटों के लिए इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है। 
इस बारे में आगे का निर्णय स्थिति के आधार पर लिया जाएगा। 
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उत्तर प्रदेश में कड़े सुरक्षा इंतजाम, धारा 144 लागू


आर पी पी न्यूज़ : उत्तर प्रदेश -अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय का शनिवार को फैसला आने की जानकारी के साथ ही प्रदेश में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। डीजीपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इसे लेकर सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। अयोध्या समेत अन्य संवेदनशील जिलों में अधिकारियों को सुरक्षा संबंधी सारे इंतजाम चौकस रखने को कहा गया है और सभी जिलों में किसी तरह की अप्रिय घटना न होने देने की ताकीद की गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है। 
तैयारियों के तहत अयोध्या के आस-पास भी पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है। इसे रिजर्व फोर्स के तौर पर रखा गया है जिसे आपात दशा में बुलाया जाएगा। हालात न बिगड़ने देने के लिए सोशल मीडिया पर खास ध्यान रखा जा रहा है। 

इसके लिए डीजीपी व अन्य उच्च अधिकारियों ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर प्रदेश के जिलों, रेंज व जोन में तैनात अधिकारियों व जिलों के सोशल मीडिया सेल में तैनात अधिकारियों को सोशल मीडिया पर विशेष निगाह रखने और सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि तैयारियों के तहत अब तक पांच सौ से अधिक को गिरफ्तार किया जा चुका है और दस हजार से अधिक को पाबंद किया गया है।

डीजीपी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में आमजन को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर जागरूक रहने को लेकर कार्रवाई करने को कहा। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर उनके सोशल मीडिया एकाउंट को ब्लॉक करने के निर्देश दिए गए।

पिछले पांच सालों में आपत्ति पोस्ट डालने वालों को किया जा रहा चिन्हित इस कवायद में पिछले 5 वर्षों में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक-भ्रामक पोस्ट करने वालों को चिन्हित कर उनके संबंध में सूचना एकत्रित कर थानों के रजिस्टर में उनका नाम दर्ज किया जाएगा। 

वीडिया कांफ्रेंसिंग में पोस्ट डिलीट होने पर भी साक्ष्य उपलब्ध रखने के लिए सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। डिजिटल वालंटियर रखेंगे निगाह आपत्तिजनक व भ्रामक पोस्ट पर डिजिटल वालंटियर ग्रुप के सदस्य नजर रखेंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्हाट्सएप ग्रुपों पर किए जाने वाले आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के साथ ग्रुप एडमिन के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए। 

जिलों के अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने स्तर से इस बात का प्रचार-प्रसार करें कि कोई भी सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी, भाषण, तस्वीर, धार्मिक उन्माद, सामाजिक विद्वेष, जातिगत घृणा आदि से संबंघित वीडियो-मैसेज आदि पोस्ट न करें, न ही इसे लाइक व फॉरवर्ड करें।

भड़काऊ पोस्ट की इस व्हाट्सएप नंबर कर की जा सकती है शिकायत
भड़काऊ-आपत्तिजनक पोस्टों के बारे में पुलिस को जानकारी देने के लिए डीजीपी मुख्यालय स्तर से व्हाट्सएप नंबर 8874327341 जारी किया गया है। आमजन इस नंबर पर टेक्स्ट मैसेज, वाइस क्लिप, स्क्रीन शॉट आदि के माध्यम से व्हाट्सएप कर सकते हैं। जानकारी देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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RPP NEWS

सौहार्द कायम रखने को आगे आए व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन, अफवाहों पर लगाएंगे लगाम

सौहार्द कायम रखने को आगे आए व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन, अफवाहों पर लगाएंगे लगाम


आर पी पी न्यूज़ : सालों से विवाद का मुद्दा रहे अयोध्य मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज अंतिम फैसला सुनाएगा। फैसले के मद्देनदर कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी और चाक-चौबंद किया गया है। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भड़काऊ समाचारों से माहौल बिगड़ने न पाए इसके लिए सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील की गई है कि मामले से संबंधित ऐसी कोई भी पोस्ट न करें जो स्थिति खराब करे। 
वहीं, सौहार्द कायम रखने के लिए देशभर के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में एडमिनों ने भी एक पहल की है। इसके तहत ग्रुप्स की सेटिंग बदलकर ऐसा किया जा रहा है जिससे ग्रुप में मैसेज भेजने का अधिकार केवल एडमिन को ही रहेगा। ग्रुप के अन्य सदस्य इस दौरान कोई मैसेज नहीं भेज सकेंगे। अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक ऑडियो, वीडियो या टेक्स्ट मैसेज वायरल न करें।
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Friday, 8 November 2019

RPP NEWS

अयोध्या मामले पर इंतजार की घड़ी ख़त्म , शनिवार सुबह 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला


आर पी पी न्यूज़ : (लखनऊ ) अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट शनिवार को ऐतिहासिक फैसला देने जा रहा है। पांच जजों की पीठ शनिवार सुबह 10.30 बजे अपना निर्णय सुनाएगी। पहले अटकलें थीं कि यह फैसला 12 नवंबर के बाद आ सकता है। 
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। इससे पहले वह अपना फैसला सुनाएंगे। शनिवार को छुट्टी के दिन के बावजूद सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ बैठेगी और फैसला सुनाएगी। इसके मद्देनजर पूरे देश में सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए हैं। धर्मगुरुओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। टीवी चैनलों के मुताबिक फैसले से ठीक पहले सभी पांच जजों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इतिहास की दूसरी सबसे लंबी सुनवाई : 

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई। संवैधानिक पीठ ने लगातार 40 दिनों तक सुनवाई की और 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा। इस दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों ने अपने—अपने पक्ष में दमदार दलीलें दीं। 

सुरक्षा व्यवस्था सख्त

फैसला आते ही प्रदेश में मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद हो सकती है। इसके अलावा धारा 144 लगाए जाने के साथ सभी जिलों में अस्थायी जेल बनाई जा रही हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखने को कहा है। इसके साथ ही अर्धसैनिक बल के 4,000 जवानों को ऐहतियातन उत्तर प्रदेश भेजा गया है। दूसरी ओर, आरपीएफ ने भी अपने सभी कर्मियों की छुट्टी रद कर 78 महत्वपूर्ण स्टेशनों की सुरक्षा-व्यवस्था का अलर्ट जारी किया है।
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Monday, 21 October 2019

RPP NEWS

सड़क किनारे चल रहीं मीट की दुकानों को लेकर सीएम योगी सख्त

सड़क किनारे चल रहीं मीट की दुकानों को लेकर सीएम योगी सख्त

आर पी पी न्यूज़ : (लखनऊ). सड़क किनारे दुकान खोलकर मुर्गे और बकरे काटे जा रहे हैं. ऐसे दुकानदार संक्रमण फैला रहे हैं. इससे लोग बीमार हो रहे हैं. इस तरह की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया जाए. यह कहना है यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ का. सड़क किनारे चल रहीं मीट की दुकानों को लेकर सीएम योगी सख्त हैं. ऐसा होने पर उन्होंने संबंधित ज़िले के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान के खिलाफ कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं. लखनऊ में हुई एक बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए गए हैं. यह जानकारी सीएम योगी के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने दी.
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Monday, 14 October 2019

RPP NEWS

महराजगंज के डीएम अमरनाथ उपाध्याय हुए सस्पेंड, भरष्टाचार में थे लिप्त

आर.पी.पी न्यूज़:(लखनऊ) 
मुख्य सचिव आरके तिवारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस---
महराजगंज के जिलाधिकारी, सहित 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
महराजगंज में मधुबलिया में निराश्रित गोवंश रखने की जांच में  2500 गोवंश होना चाहिए था भौतिक निरीक्षण 954 ही पाए-आरके तिवारी
अपर आयुक्त गोरखपुर मंडल ने इसकी जांच की , और पाया गया कि ज़िला स्तर के अधिकारियों की स्थलीता मिली ...
यह भी पाया गया कि गौ वंश में कमी होने के कारण भी गंभीर वित्तीय अनियमितता पाई गई है।
सूत्रों से ये भी पता चला है कि महराजगंज के जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय गैर कानूनी तरह से पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल के पैतृक आवास बुलडोजर से गिरवा दिए थे और इनके ऊपर भरष्टाचार का भी आरोप लगा है।
फिलहाल महराजगंज के नए डीएम उज्ज्वल कुमार को महराजगंज के जनपद की कमान दी गई है।
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Saturday, 28 September 2019

RPPNEWS

सपा ने लगाया आरोप पूर्व योजनाओं पर पानी फेर रही प्रदेश सरकार


*आर. पी.पी.न्यूज़*
         चीफ ब्यूरो :  ( लखनऊ ) 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के जो कदम उठाए थे, भाजपा ने उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने पर पानी फेरना शुरू कर दिया। आज उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं सबसे ज्यादा बदहाल हैं। अस्पतालों में डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं। सरकारी व्यवस्था से असंतुष्ट विशेषज्ञ डाक्टर इस्तीफे देकर अन्यत्र जा रहे हैं।
      लगातार बारिश होने से डेंगू बुखार और दूसरी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है। हजारों लोग बीमारियों के शिकार हैं। अस्पतालों की स्थिति इतनी खराब है कि न किसी को दवा मिल रही है, न जांच हो रही है।
      श्री अखिलेश यादव ने कहा कि घायलों और बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए समाजवादी 108 एम्बुलेंस सेवा, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को अस्पताल तक लाने और घर तक ले जाने के लिए 102 नम्बर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी, वह खस्ताहाल हो गयी है। हालत यह है कि प्रसूताओं को अस्पताल तक रिक्शा, ढेलिया या बाइक से लाया जाता है, उन्हें समय से इलाज नहीं मिल रहा है। डाक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ कर्मियों की संवेदनहीनता से तो कई बार जच्चा-बच्चा की जान तक चली गई है।
       समाजवादी सरकार ने एक रूपये के पर्चे पर मुफ्त इलाज, मुफ्त दवाई की व्यवस्था की थी। यहां तक कि गंभीर रोगों दिल, किडनी, लीवर, कैंसर तक के मुफ्त इलाज का इंतजाम किया गया था। लखनऊ में कैंसर अस्पताल भी समाजवादी सरकार में बनाया गया। आज भाजपा सरकार के तमाम दावों के बावजूद आयुष्मान योजना भी फ्लाप साबित हो रही है। सरकारी अस्पतालों में मंहगे उपकरण धूल खा रहे हैं।
       सच तो यह है कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के सम्बंध में भाजपा सरकार की न तो कोई सोच है और न ही कोई योजना है। ढाई साल बीत गए लेकिन इस सरकार ने एक भी नया मेडिकल कालेज नहीं बनाया। ट्रामासेंटरों में अव्यवस्था के साथ अराजकता भी है। अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार पर किसी का ध्यान नहीं है। अपनी अक्षम्य लापरवाही के चलते भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू प्रदेश‘ बना दिया है।
                                                                  (राजेन्द्र चौधरी)
                                                                    मुख्य प्रवक्ता 
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Friday, 12 July 2019

आर.पी.पी न्यूज़ महराजगंज

खनन घोटाला: आधा दर्जन और IAS अफसरों पर हो रही सीबीआई की जांच

ख़बर
राम अशीष मौर्य
आर.पी.पी न्यूज:(उत्तर प्रदेश) बुलंदशहर के पूर्व डीएम अभय सिंह, कौशल विकास निगम के पूर्व एमडी विवेक और आजमगढ़ के पुर्व सीडीओ देवी शरण उपाध्याय के यहां सीबीआई छापे के बाद यूपी के आईएएस अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है. दरअसल, यूपी के छह जिलों में हुए अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई के नजर पर आधा दर्जन और अफसर हैं। ये अफसर सपा शासन काल में बतौर जिलाधिकारी, खनन विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात थे।
सूत्रों के मुताबिक इन अफसरों में से एक प्रमुख सचिव स्तर तक के अधिकारी, दो विशेष सचिव और पूर्व में बतौर जिलाधिकारी रहे तीन अफसर शामिल हैं.सीबीआई की जांच के दायरे में फिलहाल हमीरपुर, देवरिया, फतेहपुर, कौशांबी, शामली और सिद्धार्थनगर जिले हैं. इनमें से फतेहपुर, हमीरपुर और देवरिया जिले के जिलाधिकारियों से सीबीआई न सिर्फ पूछताछ कर चुकी है बल्कि उनके घरों को भी खगाल चुकी है.।
एक दर्जन अफसरों से हो चुकी है पूछताछ
कहा जा रहा है कि अब नंबर उन अफसरों का है जो बाकी के जिलों में तैनात रहे. सीबीआई इन अफसरों को अपने जांच में शामिल कर और दो केस दर्ज कर सकती है. इतना ही नहीं सीबीआई अब तक एक दर्जन अफसरों से इस मामले में पूछताछ कर चुकी है.
सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी फतेहपुर और देवरिया अवैध खनन मामले में केस दर्ज कर सकती है. सीबीआई इस मामले में केस दर्ज कर चुकी है. फिलहाल ईडी सीबीआई द्वारा दर्ज केस का अध्ययन कर रही है. गौर तलब है कि बुधवार को सीबीआई ने इन्हीं दो मामले में यूपी के 12 जगहों पर छापेमारी की थी. इसमें बुलंदशहर के डीएम अभय सिंह, आईएएस विवेक और आजमगढ़ के सीडीओ देवी शरण उपाध्याय, पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
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Thursday, 4 July 2019

RPP NEWS

योगी सरकार का फरमान, मदरसा में शिक्षकों ने अगर किया मोबाइल का इस्तेमाल, तो होंगे निलंबित



आर.पी.पी न्यूज़:लखनऊ: उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां अल्पसंख्यक  विभाग के अनुदानित मदरसों में अब शिक्षक मौजूदा स्कूल टाइम (सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक) तक में मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हाट्सएप्प आदि) का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। दरअसल शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाई में ध्यान देने की बजाय सोशल साइट (Social Media) पर व्यस्त रहने की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी शिक्षक मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता मिला तो उसके खिलाफ निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कदम
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह आदेश प्रतिबंध बेहतर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी करने की दिशा में उठाया है। सूत्रों के मुताबिक सीएम योगी जल्द ही कोई मोबाइल नंबर जारी करने वाले हैं, जिस पर आम जनता मदरसा स्कूलोऺ से जुड़ी शिकायतों को सीधे उन तक पहुंचा सकेगी। आपको बता दें कि सीएम योगी ने सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों की सुस्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अखित्यार किया है। बीते दो सालों के कार्यकाल में सीएम योगी ने 600 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जबकि अभी 200 और कर्मचारी सरकार की रडार पर हैं। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के
जीस-टी शर्ट पहनने पर रोक भी लगाई है तथा राज्य सरकार के निर्देशों के मुताबिक मदरसा स्कूलों (Minority welfare Department) मे शिक्षण कार्यों को बेहतर करने के लिहाज से मोबाइल फोन पर सुबह साढे आठ बजे से एक बजे तक फेसबुक, व्हाटस्एप्प, ट्विटर, ई-मेल, गूगल, मैसेंजर आदि के प्रयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यदि ऐसा करते कोई शिक्षक पकड़ा गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं सरकारी  अनुदान प्राप्त मदरसों में शिक्षको के जींस और टी शर्ट पहनकर आने पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। भड़कीले पैंट शर्ट भी पहनकर शिक्षक स्कूल नहीं आ सकेंगे। अगर किसी ने इन निर्देशों की अवहेलना की तो उसे भी विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने यह फरमान सुनाते हुए तत्काल पालन करने के निर्देश दिए हैं।
बच्चों के साथ शिक्षकों की सेल्फी
लंबे समय से बिगड़ी मदरसा शिक्षा  को सुधारने की दिशा में प्रदेश सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। सरकार की मंशा के अनुसार सभी जिले में तैनात अफसर भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को अलग अलग तरीके अपना रहे हैं। इसी क्रम में जिलों स्कूलों में समय पर शिक्षकों की हाजिरी चेक करने के लिए एक ओर बच्चों के साथ शिक्षकों को सेल्फी अपने ग्रुप पर भेजनी है। जिससे मदरसा में उनकी उपस्थित सुनिश्चित की जा सके।
पूरी तरह से लागू होंगे सरकार के निर्देश
सरकार के इन निर्देशों पर हमने प्रदेश के जिलों में तैनात जिला अधिकारियों से बात की। इटावा के जिलाधिकारी जे बी सिंह का कहना है कि योगी सरकार के सभी निर्देशों का शत प्रतिशत पालन कराया जाएगा।  चेकिंग के दौरान शिक्षकों के मोबाइल पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल के साथ परिधान भी चेक किए जाएंगे। मदरसा शिक्षा अधिकारी ये सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी शिक्षक निर्धारित परिधान में ही स्कूल पहुंचें। अगर बड़े अफसर ने शिक्षक को निर्धारित परिधान में नहीं पाया, तो  शिक्षक कार्रवाई संभव होगी।
*शिक्षकों की मिली जुली राय*
वहीं प्रदेश सरकार के इस कदम से युवा शिक्षकों के मन में कुछ नाराजगी दिखाई पड़ी, लेकिन शिक्षक नेताओं ने इसकी सराहना की और कहा कि शिक्षक का व्यवहार व परिधान उसको सम्मान दिलाने में सहायक होते हैं। वहीं कुछ युवा शिक्षकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर उन्हें बच्चों को पढ़ाने के लिए कई नए तरीके सीखने को मिलते हैं। अगर सरकार हमें इसका प्रयोग नहीं करने देगी तो हम स्कूलों में नए प्रयोग नहीं कर सकेंगे। क्षय क्योंकि हम वहीं से नई-नई चीजें सीखकर पढ़ाई को और ज्यादा दिलचस्प बनाकर बच्चों को सिखाने की कोशिश करते हैं। जिसमें हमें अब दिकक्त आएगी।
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Monday, 17 June 2019

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केन्द्र सरकार ने मदरसा शिक्षकों का वेतन रोका - यूपी में 16 हजार हैं मदरसे नही दिया है 38 महीने से मानदेय

केन्द्र सरकार ने मदरसा शिक्षकों का वेतन रोका - यूपी में 16 हजार हैं मदरसे नही दिया है 38 महीने से मानदेय,,,,,,,

आर पी पी न्यूज़ : लखनऊ। केन्द्र सरकार ने मदरसों के अध्यापकों का वेतन रोक दिया है। वेतन न मिलने से वहां के अध्यापकों के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अब वे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसे 16 हजार मदरसे हैं और हर मदरसे में करीब तीन से पांच शिक्षक हैं। स्थाई शिक्षकों की संख्या सात हजार के करीब है। राज्य सरकार ने यहां की स्थिति से केन्द्र सरकार को अवगत करा दिया है।

यूपी ही नहीं दूसरे राज्यों में भी संकट
मदरसा शिक्षक संघ के नेता हनीफ खां ने बताया कि ऐसा केवल उत्तर प्रदेश में नहीं है। बल्कि पूरे देश के मदरसों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने बताया कि 16 राज्यों में इन शिक्षकों को केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाला वेतन नहीं मिल रहा है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, और झारखंड समेत देश के 16 राज्यों के लगभग 50,000 से अधिक मदरसा शिक्षकों को पिछले दो सालों से केंद्र सरकार की तरफ से वेतन नहीं मिला है जिसके कारण बहुत से शिक्षक अपना पद छोडऩे के लिए मजबूर हैं। संघ का आरोप है कि सरकार अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय कर रही है।

मदरसों को और बेहतर बनाने के लिए बनी थी योजना
मदरसों की स्थिति सुधारने के लिए केन्द्र सरकार ने राज्यों से पहले रिपोर्ट मांगी। फिर इस योजना की शुरुआत मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा 2008-09 में मदरसों में पढऩे वाले बच्चों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। इसके तहत मदरसा शिक्षकों को उनके वेतन का एक बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की तरफ से मिलना था।

मदरसे के शिक्षकों को कितना मिलता है वेतन
यह भी बड़े अश्चर्य की बात है कि मंहंगाई के इस दौर में मदरसों के शिक्षकों का वेतन इतना कम है। स्नातक शिक्षकों को केंद्र सरकार की ओर से 6,000 रुपये प्रति माह और परास्नातक शिक्षकों को 12,000 रुपये प्रति माह दिए जाने थे जो कि उनके वेतन का क्रमश: 75 और 80 प्रतिशत है. वेतन का बाकी हिस्सा राज्य सरकारें देती हैं। पर केन्द्र सरकार से उनका वेतन का अंश जारी ही नहीं हो रहा है। राज्य सरकार दूसरे मदों से उनका वेतन दे कर भरपाई कर रही हैं।
यूपी को दो साल से नहीं मिली मदद
मदरसा शिक्षक संघ के नेता हनीफ खां ने कहा कि 16,000 मदरसों में लगभग 25,000 शिक्षक पढ़ाते हैं। 16 राज्यों में शिक्षकों को दो साल से केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाली राशि नहीं मिली है। कुछ राज्यों में तो शिक्षकों ने तीन साल से वेतन नहीं प्राप्त किया है।
मदरसों के शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा
अल्प संख्यक आयोग के सदस्य हरजीत सिंह का कहना है कि इन दिनों आयोग के अध्यक्ष की मृत्यु के बाद नए अध्यक्ष का चयन होना है। इसलिए इसमें विलम्ब हो रहा है। यह गंभीर मामला है। उन्होंने राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि मदरसा शिक्षकों को तत्काल वेतन भुगतान की व्यवस्था करें
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Tuesday, 28 May 2019

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मिठाई का डिब्बा लेकर दफ्तर में घुसे, नाम पूछा और BSP नेता व भांजे को गोलियों से भून दिया

ब्रेकिंग न्यूज़ 



आर पी पी न्यूज़ (डिजिटल डेस्क )मिठाई का डिब्बा लेकर दफ्तर में घुसे, नाम पूछा और BSP नेता व भांजे को गोलियों से भून दिया
बदमाशों ने बीएसपी नेता हाजी एहसान से नाम पूछा फिर डिब्बे से पिस्तौल निकालकर उन पर गोलियां चला दीं। उनके भांजे शादाब ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उस पर भी गोलियां चला दीं। हमले में हाजी और शादाब दोनों की मौत हो गई।

लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी नेताओं पर हमले का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दिनदहाड़े एक बसपा नेता और उनके भतीजे को गोलियों से भून दिया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस घटना में बहुजन समाज पार्टी के नेता हाजी एहसान और उनके भांजे शादाब की मौत हो गई। घटना नजीबाबाद थाना क्षेत्र की है। यहां मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने मंगलवार (28 मई) को प्रॉपर्टी डीलर हाजी एहसान को उनके भतीजे के साथ दफ्तर में निशाना बनाया।

मिठाई का डिब्बा लेकर दफ्तर में घुसे थेः पुलिस सूत्रों के अनुसार हाजी एहसान (55) अपने भांजे शादाब (28) के साथ थाना नजीबाबाद में गुरुद्वारे के निकट स्थित एक परिसर में अपने प्रॉपर्टी कारोबार के कार्यालय में बैठे हुए थे कि दोपहर लगभग ढाई बजे परिसर के बाहर काले रंग की बाइक पर तीन लड़के आए। उन्होंने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति बाहर रूक गया और दो लड़के हाथ में मिठाई का डिब्बा लिए अंदर कार्यालय में घुस गए।


नाम पूछकर चला दीं गोलियांः बदमाशों ने बीएसपी नेता हाजी एहसान से नाम पूछा फिर डिब्बे से पिस्तौल निकालकर उन पर गोलियां चला दीं। उनके भांजे शादाब ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उस पर भी गोलियां चला दीं। हमले में हाजी और शादाब दोनों की मौत हो गई। पुलिस मौके पर पहुच कर हमलावरों की खोज करनी शुरू कर दी ,हमलावर मौके से फरार हो गए।
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Sunday, 19 May 2019

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देश के लोकतंत्र का महापर्व आज खत्म हुआ,कही शान्ति तो कही अशान्ति के बीच सब ने अपना मत दिया





आर.पी.पी न्यूज़:महराजगंज: देश के लोकतंत्र का महापर्व आज खत्म हुआ,कही शान्ति तो कही अशान्ति के बीच सब ने अपना मत दिया है और देश के नेताओं का किस्मत ईवीएम में बंद कर दिया है। तो अगर बात कि जाये उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की तो यहां के मतदाताओं ने कड़ी धूप में खड़ा रहकर युवा हो या भुजुर्ग सबने बड़े ही जोश में आकर मतदान किया है और 13 जनपदों में सबसे अधिक पोलिंग प्रतिशत 62.40 हुआ है। डीएम अमरनाथ उपाध्याय के निर्देश से सभी शिक्षा संस्थानों ने मतदाता जागरूकता रैली निकाल कर सभी को मतदान के लिए जागरूक किया और इसका असर भी देखने को मिला है कि अधिक संख्या में लोगों ने मतदान किया है। अब देखना ये है कि 23 मई को सरकार किसकी बनती है जनता किसका भाग्य विधाता बनते है। महराजगंज लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी का चेहरा किसी का नया था तो किसी का पुराना, किसी ने कार्य करने का वादा किया था तो किसी ने अपने कार्यों के बल पर जनता के पांव पुजाइ की थी। मगर जनता सब जानती है और वह अपने हक का उपयोग कर प्रत्याशियों को बात देगी की कौन विकास करने लायक है।आज यही देखने को भी मिला है ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो ने काफी बढ़कर चढ़कर मतदान करने में भाग लिया और कई गाँवो का वोटिंग प्रतिशत भी बढ़ा। लक्ष्मीपुर जरलहिया में बूथ संख्या 290 पर 679/1203 और 291 पर 736/1242 कुल 61.96 प्रतिशत वोट डाला गया तो इसी क्रम में परतावल क्षेत्र के ग्रामसभा पिपरपाती तिवारी में बूथ संख्या 165 व 166 में 813/1265 मत पड़े, जद्दू पिपरा में भी 1200 में से 634 वोट दूसरे बूथ पर 800 में से 520 वोट पड़े,ग्रामसभा पकड़ी दीक्षित के मतदान केंद्र पर भी दोनों बूथों पर 483+483 कुल 966 मत डाला गया।

देखिये सातवाँ चरण में कितने जिलों में मतदान हुआ और मतदाताओं की संख्या क्या रही?
सातवें चरण में 11 जिलो के लोक सभा सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदाताओं की संख्या 2,36,38,797 थी जिसमे पुरूष मतदाताओं की संख्या 1,28,18,440 और महिला मतदाताओं की संख्या 1,08,18,931थी जिसमे थर्ड जेंडर की संख्या 1,426 है और मतदान केंद्रों की संख्या 13,979 है जिसमे कुल मतदेय स्थलों की संख्या 25,874 है इसमें बैलट यूनिट (BU) 25,874 कंट्रोल यूनिट (CU) 25,874 तथा वी० वी० पैट (VVPAT) 25,874 थी जिसमे से माक पोल के दौरान बदले गये 177-BU , 204 -CU तथा 349- VVPAT थे मतदान के दौरान बदले गए ई० वी० एम० एवं वी० वी० पैट -150-BU,  150-CU तथा VVPAT -334  अब बात करते हैं निर्वाचन क्षेत्र और मतदान प्रतिशत की जिसमे महराजगंज- 62.40%, गोरखपुर- 57.38%, कुशीनगर- 56.24%, देवरिया- 56.02%, बांसगांव- 55.00%, घोसी- 56.90%, सलेमपुर- 54.60%, बलिया- 52.50%, गाजीपुर- 58.10%, चंदौली- 57.26%, वाराणसी- 58.05%, मिर्जापुर- 60.20%, राबटर्सगंज- 54.29%, मतदान परिणाम रहा है  इस प्रकार सभी क्षेत्रों की प्रतिशत की बात की जाय तो कुल मिलाकर 56.84% मतदान सातवें चरण में हुआ है।

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वोटिंग से पहले ही उंगलियो पर लगा स्याही


आर.पी.पी न्यूज़: चंदौली. सातवें चरण की वोटिंग के पहले उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की पड़ोसी सीट चंदौली में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां के एक गांव में वोटिंग से पहले ही एक प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा दलित वोटरों की अंगुली पर चुनाव की अमिट स्याही लगा दी गयी। यही नहीं दलित बस्ती में नोट बांटने का भी आरोप लगा है। इसकी जानकारी मिली तो समाजवादी पार्टी और बसपा के कार्यकर्ता गुस्से में आ गए और गठबंधन से सपा प्रत्याशी संजय सिंह चौहान व विधायक प्रभुनारायण यादव के नेतृत्व में अलीनगर थाने पर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने इसका आरोप बीजेपी समर्थकों पर लगाया। देर रात तक पुलिस के अधिकारी और एसडीएम मौके पर डटे रहे।
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Thursday, 4 April 2019

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ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के आमरण अनशन का आज 163वां दिन




 आर पी पी न्यूज़ : ब्यूरो महराजगंज - 2011 में नवजवान साधू स्वामी निगमानंद की हरिद्वार में गंगा में अवैध खनन के खिलाफ अनशन करते हुए 115वें दिन जान चली गई। जिस आश्रम से वे जुड़े थे, मातृ सदन, ने आरोप लगाया कि खनन माफिया ने सरकार के साथ मिलकर अस्पताल में उन्हें जहर देकर मार डाला। 1998 में स्वामी निगमानंद के साथ अवैध खनन के खिलाफ पहला अनशन कर चुके स्वामी गोकुलानंद की 2003 में नैनीताल में खनन माफिया ने हत्या करवा दी। 2014 में वाराणसी में बाबा नागनाथ गंगा के संरक्षण हेतु अनशन करते हुए 114वें दिन चल बसे। पिछले वर्ष स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद की, जो पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर में प्रोफेसर गुरु दास अग्रवाल के नाम जाने जाते थे और केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संस्थापक सदस्य-सचिव रहे चुके थे, अपने छठे अनशन के 112वें दिन 11 अक्टूबर को मृत्यु हो गई। 24 जून, 2018 से गंगा के संरक्षण हेतु अनशन पर बैठे संत गोपाल दास 6 दिसम्बर से देहरादून से गायब हैं। स्वामी सानंद के जाने के बाद उनके संकल्प को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 26 वर्षीय केरल निवासी ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद 24 अक्टूबर, 2018 से मातृ सदन के उसी स्थान पर जहां स्वामी सानंद ने अनशन किया था बैठे हैं। आज उनके अनशन के 163 दिन हो चुके हंै। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के बाद मातृ सदन के ही स्वामी पुनयानंद अभी से अन्न त्याग अनशन पर जाने की तैयारी में बैठे हैं।

        ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद अपने गुरु स्वामी शिवानंद के साथ अनशन के दौरान प्रयागराज के अर्द्ध कुम्भ में भी करीब बीस दिन रहे किंतु वहां भी आकर किसी सरकारी नुमाइंदे ने उनसे बात नहीं की। उत्तर प्रदेश के मंत्रीमण्डल की बैठक वहां हुई, मुख्य मंत्री समेत कई शासक दल के प्रमुख नेता वहां आए किंतु किसी को ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद से मिलने की फुरसत नहीं मिली।    

हकीकत यह है कि यदि टिहरी, हरिद्वार, बिजनौर, नरोरा में बने बांधों से पानी न छोड़ा गया होता तो प्रयागराज में स्नान भर का भी पानी नहीं मिलता। 15 जनवरी से 4 मार्च, 2019 अर्द्ध कुम्भ की अवधि में कृत्रिम तरीके से गंगा का पानी साफ भी कर दिया गया किंतु यह गंगा की जैव विविधता, यानी जीव-जंतुओं, के बगैर था। अतः यह अस्थाई व्यवस्था ही थी। सवाल यह है कि सरकार राजनीतिक कारणों से प्रचार पाने के लिए जो काम कर सकती है वह स्थाई रूप से गंगा या लोगों के हित में क्यों नहीं कर सकती? वैज्ञानिक यह मानते हैं कि जब तक गंगा में न्यूनतम प्रवाह नहीं बना रहेगा तब तक गंगा की निर्मलता नहीं रहेगी। इस प्रवाह को बांध बाधित करते हैं।

        स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद की मांग भी यही थी कि गंगा को अविरल एवं निर्मल बहने दिया जाए। वे चाहते थे कि गंगा पर सभी प्रस्तावित व निर्माणाधीन बांधों का काम रोक दिया जाए व गंगा में अवैध खनन रोका जाए। उनके जाने के बाद जब सरकार ने मातृ सदन से पूछा कि उनकी न्यूनतम मांग क्या है तो स्वामी शिवानंद, जिनके नेतृत्व में साधुओं का अनशन आयोजित किया गया है और जिनका व्यक्तिगत संकल्प है कि मातृ सदन के एक साधू के बलिदान होने पर दूसरा अनशन पर बैठेगा और वे खुद अपने जान की बाजी लगाने को तैयार हैं, ने यह कहा कि कम से कम तीन पन बिजली परियोजनाएं, मंदाकिनी पर सिंगौली भटवाड़ी, अलकनंदा पर तपोवन विष्णुगाड व विष्णुगाड पीपलकोटी रद्द की जाएं और गंगा में खनन बंद हो।

        जब सैनिक शहीद होते हैं तो देश भर के लोगों में आक्रोश देखने को मिलता है। लोग सड़कों पर निकल नारे लगाते हैं, शहीद सैनिकों के परिवारों की आर्थिक मदद करते हैं और उनकी मूर्तियां लगवाते हैं। सैनिकों के साथ क्या होगा इस पर तो सरकार का कोई नियंत्रण नहीं। किंतु साधुओं की जान तो सरकार बचा सकती है। क्यों नहीं नरेन्द्र मोदी की सरकार कर रही है साधुओं से बात? लोगों में भी साधुओं की उपर्युक्त बलिदानी परम्परा के प्रति कोई चिंता क्यों नहीं? खासकर ऐसे समय में जब देशभक्ति को धार्मिक भावना से भी जोड़ा जा रहा है।

        एक तरफ अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर और दूसरी तरफ केरल के शबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को रोकने के लिए भी लोग सड़कों पर निकल आते हैं, जिसमें देश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा व कांग्रेस शामिल हैं, किंतु गंगा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले साधुओं के प्रति हमारी कोई सहानुभूति दिखाई नहीं पड़ती।

        हिन्दुत्व के नाम पर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार, जिसके प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार ने वाराणसी से चुनाव लड़ते समय कहा कि ’मां गंगा ने मुझे बुलाया है’ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े तमाम संगठन जो किसी भी धार्मिक मुद्दे को भुनाने में पीछे नहीं रहते, ईमानदारी से गंगा को बचाने के लिए अनशन करने वाले साधुओं के साथ क्यों नहीं खड़े नजर आते? गंगा के साफ होने से देश के करीब 40 प्रतिशत लोगों को तो सीधा लाभ मिलेगा जो गंगा या गंगा की सहायक नदियों के किनारे रहते हैं जबकि अयोध्या में राम मंदिर से किसको लाभ होगा मालूम नहीं, फिर भी संघ परिवार गंगा और उसके लिए अनशनरत साधुओं के प्रति संवेदनहीन है। यह दिखाता है कि हिन्दुत्व के नाम पर राजनीति करने वाले संगठनों का धर्म या धार्मिक मुद्दों से कोई मतलब नहीं जब तक वह उनके लिए मतों का ध्रुवीकरण न कर सके।

        एक तरफ हिन्दुत्व के नाम पर राजनीति हिंसा का सहारा लेती है और उसे जायज ठहराती है तो दूसरी तरफ गंगा के लिए साधू अपनी जान दे रहे हैं। जो हिंसा का समर्थन करते हैं वही नदी रोकने की बात करते हैं चाहे वह बांध बनाकर या फिर पुलवामा जैसी घटनाओं के बाद पाकिस्तान में जाने वाली नदियों का पानी रोकने की बात करके। जो साधू अपनी जान दांव पर लगाते हैं वे नदियों को अविरल बहने देना चाहते हैं।

लोक सभा चुनाव प्रचार के दौरान संलग्न पर्चा बांटकर भाजपा सरकार पर साधुओं को मरने के लिए छोड़ दिए जाने की नीति पर सवाल खड़ा किया जाएगा।
लोक राजनीतिक मंच द्वारा यह ऐलान किया गया है

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Wednesday, 6 March 2019

RPP NEWS

बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी ने भाजपा विधायक राकेश बघेल को जूतों से कूटा..


आर पी पी  न्यूज़ : संतकबीर नगर -श्रेय लेने के चक्कर में  भाजपा के संतकबीरनगर से सांसद शरद त्रिपाठी ने भाजपा के विधायक राकेश बघेल को शिलापट्ट पर नाम न होने के वजह  से जूतों से ताबडतोड़ पिटाई कर दी।मंत्री आशुतोष टंडन और डी एम की मौजूदगी में सांसद ने विधायक को पिट दिया ।  विधायक समर्थकों ने कलेक्टर दफ्तर घेरा, समर्थकों का कहना है-बदला लेकर रहेंगे. शरद त्रिपाठी कलेक्टर के कमरे में बंद..!
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Monday, 4 March 2019

RPP

आज कुंभ मेले का संध्या आरती के साथ हुआ समापन



आर.पी.पी. न्यूज़: संवाददाता राम अशीष मौर्य महाशिवरात्रि पर अंतिम कुंभ स्नान के साथ आज प्रयागराज में कुंभ मेले का भी समापन हो गया अंतिम दिन गंगा आरती में श्रद्धालु बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया। गंगा आरती का आयोजन न केवल अपने आप में अद्भुत है बल्कि रोमांचित करने वाली  है।
कुंभ में संध्या काले होने वाली गंगा आरती ना केवल इस आयोजन का एक अहम हिस्सा है बल्कि यह देसी -विदेशी पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं के आकर्षण और आस्था का केंद्र भी है हर रोज होने वाली इस आरती के देश -दुनिया में करोड़ों लोग साथ ही बनते हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगा दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला कुंभ जो आज अंतिम पड़ाव पर था दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक मेला प्रयागराज कुंभ में आखिरी शाही स्नान महाशिवरात्रि के बाद औपचारिक तौर पर समाप्त हो गया इस बार कुंभ मेले में कई रिकॉर्ड भी बनाए गए हैं कुंभ में पिछले कई इन दिनों में लगातार गिनीज बुक में दर्ज हुए है।




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Tuesday, 26 February 2019

Moshin raja

लोकसभा चुनावों के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर अहम बैठक

आर पी पी न्यूज़: संवाददाता नूर मोहम्मद:आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित चुनाव अभियान समिति की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष श्री राज बब्बर जी बैठक की अध्यक्षता करते हुए | जिसमें मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष श्री राज बब्बर, नेता विधान मंडल दल श्री अजय कुमार "लल्लू"पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री निर्मल खत्री, राज्यसभा सांसद डाक्टर संजय सिंह, पूर्व सांसद श्री प्रमोद तिवारी, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रभारी सचिव श्री ज़ुबैर खान, भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री केशव चन्द्र यादव, पूर्व मंत्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री प्रदीप जैन आदित्य,वीरेन्द्र चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री राम लाल राही समेत सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
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