RPP NEWS PORTAL : महाराजगंज ब्यरो:
आज देश में सबसे बड़ा दर्द और परेशानी दे रहा है "आधार " आम आदमी का अधिकार , भ्रष्टाचार को खत्म करने का मजबूत अश्त्र चाहे वो भ्रष्टाचारी हो या देश की मासूम जनता , स्कूल के बच्चे हो या गर्भवती महिलाये --भूखा गरीब हो या गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज -----या आधार बनाने वाले देश भर के ढाई लाख कामन सर्विस सेंटर (जो गावों-कस्बो-शहरो में आम आदमी की पहुच में है ) जिनका अब भारत सरकार ने आधार बनाने का काम बंद कर दिया है जहा लोग बड़ी सुविधा से अपने आधार में सुधार या नया एनरोलमेंट करा लेते थे, या अब जिनको यानि बैंको या पोस्ट ऑफिस को आधार एनरोलमेंट या सुधार का काम मिला है सब परेशान है इस पर न समाचार पत्र ना इलेक्ट्रानिक मीडिया कुछ बोल रही है न विपक्ष हालत ऐसे है की बैंक पोस्ट आफिस इस काम को कर नहीं प् रहा है उनके पास ट्रेन्ड कर्मचारी है नहीं कही कही बाहर के ही आपरेटर को नियुक्त कर लिया है उन्ही से भारत सरकार व् यू आई डी आई डी आई अपनी खाना पूर्ति कर रहे है जनता हर तरफ दौड दौड कर परेशान हो रही है सी एस सी सेंटरों पर रोज ५० से १०० लोग अपनी परेशानी ले कर जाते है मगर विवश सी एस सी संचालक या आपरेटर चाहते हुए भी मदद नहीं कर पाता वो भी परेशान है उसने भी उस समय कामन सर्विस सेंटर (सी एस सी ) के चेयरमैन व् अधिकारियो के कहने पर एक से डेढ़ लाख रुपये चाहे घर से लेकर किसी ने बीबी के जेवर गिरो रख कर किसी ने दोस्तों से उधार लेकर किसी ने बैंक से कर्ज लेकर आधार बनाने की मशीने खरीदी थी और सुबह से शाम तक आधार के माध्यम से लोगो की सेवा करते थे कितने विकलांगो बीमार मरीजो या अत्यंत वृद्ध लोगो से लिए उनके घर पर भी अपनी सेवा देते थे जिसके बदले सरकार से उन्हें ५० रुपये प्रति एनरोलमेंट मिलना होता था परन्तु बिचौली कंपनियों ने काट कपट करके सिर्फ बने हूये आधार पर ही २० से ३० रुपये के हिसाब से पेमेंट करती थी फिर भी सब चलता रहता था क्योकि काम बहुत था और हमारे सी एस सी संचालक व् आपरेटर भाइयो का पेट छोटा लेकिन जब लगभग ७०/ काम पूरा होने के बाद आधार का काम कम हो गया व् सरकार या बिचौली कंपनियों द्वारा पैसा मिलना बिलकुल बंद हो गया तो हमारे कुछ भाइयो ने अपने सेंटर व् कर्मचारी की सेलरी या अपने बच्चो की भूख मिटाने के लिए कुछ रुपये अपने ग्राहक से सुविधा शुल्क (जिसमे किराया सेलरी लाईट पंखा आदि है) के रूप में लेना शुरू किया तो क्या ये कोई गुनाह हो गया जबकि यहाँ तो लोगो को सरकार द्वारा बनाये गए शोचालय व् मूत्रालय जाने पर भी रख रखाव हेतु सुविधा शुल्क देना पड़ता है | अब तो लोग और ज्यादा शुल्क दे रहे है जो ज्यादा नहीं दे परे है भटक रहे है उनके जन और धन दोनों की हानि हो रही है | अब सरकार का ये भी कहना है कि सरकारी परिसर में आधार बनेगा तो सरकार बताये कामन सर्विस सेंटर क्या है यह भारत सरकार का उपक्रम है इसके चेयरमैन भारत सरकार के वरिष्ठ आई एस अधिकारी है जिन्होंने सेंटर खोलने का सरकारी सुविधा प्रदान करने का अधिकार दिया है यहाँ पर समस्त सरकारी सुविधाओ का आवेदन आनलाइन के माध्यम से करते है चाहे महत्व पूर्ण पासपोर्ट हो जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र हो आय जाति हो सभी महत्व पूर्ण है तो सिर्फ आधार के आवेदन या शंशोधन के आवेदन में क्यों आपत्ति मात्र आवेदन से कोई डेटा लीक कर देगा यह भी असत्य है यदि ऐसा है तो अभी अभी जो डेटा हैक होने की बात आई है वो कैसे हो रहा है सरकार और यू आई डी ए आई अपनी कमजोरी छिपाने के लिए आपरेटरों को बदनाम करते है |
यू आई डी ए आई के अनुसार अब आधार का काम सिर्फ सरकारी परिसर में होगा!
क्या बैंक सरकारी दफ्तर है ?
क्या बैंक को सैलरी कोई सरकार देती है ?
क्या बैंक में कोई अधिकारी आई ए एस या पी सी एस अफसर होता है ?
क्या बैंक किसी अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का आवेदन या उन्हें निर्गत करता है ? तो सिर्फ आधार आवेदन बैंक में ही क्यों ?
इस समय देश के ढाई लाख सी एस सी संचालक उनके लाखो आपरेटर उनके अन्य कर्मचारी इन सबके परिवार लगभग डेढ़ से दो करोड लोग सीधे प्रभावित है कामन सर्विस सेंटर में आधार बंद होने से उनका घर परिवार कैसे चल रहा होगा उनके बच्चो को दो वक्त का खाना मिलता होगा की नहीं दवा मिल पाती होगी कि नहीं इनके बूढ़े माँ बाप को न सरकार कुछ सोच रही न विपक्ष क्या यहाँ कुछ जागरूक लोग है जो इस बात को सरकार विपक्ष मिडिया जनता तक पहुचाने और इनकी मदद करने के लिए सरकार से इनको इनका खोया काम दिलाने में साथ देने के लिए कृपया इसको शेयर करिये जिम्मेदार लोगो तक पहुचाइए उनसे पूछिए की क्या कसूर है इनका कि अपना पैसा लगा कर भी बेरोजगारों की तरह बैठे है सब सिर्फ निशुल्क आधार सलाह केंद्र चला रहे है | इसका असर अभी पड़े न पड़े २०१९ चुनाव में जरुर पड़ेगा क्युकि जनता, वी एल इ , आधार आपरेटर सब परेशान है |
आज देश में सबसे बड़ा दर्द और परेशानी दे रहा है "आधार " आम आदमी का अधिकार , भ्रष्टाचार को खत्म करने का मजबूत अश्त्र चाहे वो भ्रष्टाचारी हो या देश की मासूम जनता , स्कूल के बच्चे हो या गर्भवती महिलाये --भूखा गरीब हो या गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज -----या आधार बनाने वाले देश भर के ढाई लाख कामन सर्विस सेंटर (जो गावों-कस्बो-शहरो में आम आदमी की पहुच में है ) जिनका अब भारत सरकार ने आधार बनाने का काम बंद कर दिया है जहा लोग बड़ी सुविधा से अपने आधार में सुधार या नया एनरोलमेंट करा लेते थे, या अब जिनको यानि बैंको या पोस्ट ऑफिस को आधार एनरोलमेंट या सुधार का काम मिला है सब परेशान है इस पर न समाचार पत्र ना इलेक्ट्रानिक मीडिया कुछ बोल रही है न विपक्ष हालत ऐसे है की बैंक पोस्ट आफिस इस काम को कर नहीं प् रहा है उनके पास ट्रेन्ड कर्मचारी है नहीं कही कही बाहर के ही आपरेटर को नियुक्त कर लिया है उन्ही से भारत सरकार व् यू आई डी आई डी आई अपनी खाना पूर्ति कर रहे है जनता हर तरफ दौड दौड कर परेशान हो रही है सी एस सी सेंटरों पर रोज ५० से १०० लोग अपनी परेशानी ले कर जाते है मगर विवश सी एस सी संचालक या आपरेटर चाहते हुए भी मदद नहीं कर पाता वो भी परेशान है उसने भी उस समय कामन सर्विस सेंटर (सी एस सी ) के चेयरमैन व् अधिकारियो के कहने पर एक से डेढ़ लाख रुपये चाहे घर से लेकर किसी ने बीबी के जेवर गिरो रख कर किसी ने दोस्तों से उधार लेकर किसी ने बैंक से कर्ज लेकर आधार बनाने की मशीने खरीदी थी और सुबह से शाम तक आधार के माध्यम से लोगो की सेवा करते थे कितने विकलांगो बीमार मरीजो या अत्यंत वृद्ध लोगो से लिए उनके घर पर भी अपनी सेवा देते थे जिसके बदले सरकार से उन्हें ५० रुपये प्रति एनरोलमेंट मिलना होता था परन्तु बिचौली कंपनियों ने काट कपट करके सिर्फ बने हूये आधार पर ही २० से ३० रुपये के हिसाब से पेमेंट करती थी फिर भी सब चलता रहता था क्योकि काम बहुत था और हमारे सी एस सी संचालक व् आपरेटर भाइयो का पेट छोटा लेकिन जब लगभग ७०/ काम पूरा होने के बाद आधार का काम कम हो गया व् सरकार या बिचौली कंपनियों द्वारा पैसा मिलना बिलकुल बंद हो गया तो हमारे कुछ भाइयो ने अपने सेंटर व् कर्मचारी की सेलरी या अपने बच्चो की भूख मिटाने के लिए कुछ रुपये अपने ग्राहक से सुविधा शुल्क (जिसमे किराया सेलरी लाईट पंखा आदि है) के रूप में लेना शुरू किया तो क्या ये कोई गुनाह हो गया जबकि यहाँ तो लोगो को सरकार द्वारा बनाये गए शोचालय व् मूत्रालय जाने पर भी रख रखाव हेतु सुविधा शुल्क देना पड़ता है | अब तो लोग और ज्यादा शुल्क दे रहे है जो ज्यादा नहीं दे परे है भटक रहे है उनके जन और धन दोनों की हानि हो रही है | अब सरकार का ये भी कहना है कि सरकारी परिसर में आधार बनेगा तो सरकार बताये कामन सर्विस सेंटर क्या है यह भारत सरकार का उपक्रम है इसके चेयरमैन भारत सरकार के वरिष्ठ आई एस अधिकारी है जिन्होंने सेंटर खोलने का सरकारी सुविधा प्रदान करने का अधिकार दिया है यहाँ पर समस्त सरकारी सुविधाओ का आवेदन आनलाइन के माध्यम से करते है चाहे महत्व पूर्ण पासपोर्ट हो जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र हो आय जाति हो सभी महत्व पूर्ण है तो सिर्फ आधार के आवेदन या शंशोधन के आवेदन में क्यों आपत्ति मात्र आवेदन से कोई डेटा लीक कर देगा यह भी असत्य है यदि ऐसा है तो अभी अभी जो डेटा हैक होने की बात आई है वो कैसे हो रहा है सरकार और यू आई डी ए आई अपनी कमजोरी छिपाने के लिए आपरेटरों को बदनाम करते है |
यू आई डी ए आई के अनुसार अब आधार का काम सिर्फ सरकारी परिसर में होगा!
क्या बैंक सरकारी दफ्तर है ?
क्या बैंक को सैलरी कोई सरकार देती है ?
क्या बैंक में कोई अधिकारी आई ए एस या पी सी एस अफसर होता है ?
क्या बैंक किसी अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का आवेदन या उन्हें निर्गत करता है ? तो सिर्फ आधार आवेदन बैंक में ही क्यों ?
इस समय देश के ढाई लाख सी एस सी संचालक उनके लाखो आपरेटर उनके अन्य कर्मचारी इन सबके परिवार लगभग डेढ़ से दो करोड लोग सीधे प्रभावित है कामन सर्विस सेंटर में आधार बंद होने से उनका घर परिवार कैसे चल रहा होगा उनके बच्चो को दो वक्त का खाना मिलता होगा की नहीं दवा मिल पाती होगी कि नहीं इनके बूढ़े माँ बाप को न सरकार कुछ सोच रही न विपक्ष क्या यहाँ कुछ जागरूक लोग है जो इस बात को सरकार विपक्ष मिडिया जनता तक पहुचाने और इनकी मदद करने के लिए सरकार से इनको इनका खोया काम दिलाने में साथ देने के लिए कृपया इसको शेयर करिये जिम्मेदार लोगो तक पहुचाइए उनसे पूछिए की क्या कसूर है इनका कि अपना पैसा लगा कर भी बेरोजगारों की तरह बैठे है सब सिर्फ निशुल्क आधार सलाह केंद्र चला रहे है | इसका असर अभी पड़े न पड़े २०१९ चुनाव में जरुर पड़ेगा क्युकि जनता, वी एल इ , आधार आपरेटर सब परेशान है |

