अन्नदाता कहे जाने वाले किसानो से इस बार लगता है कि मौसम भी अपना मुह मोड़ लिया है इस साल जब खेतो में पानी के सख्त जरूरी है धान के फसल के लिए बरदान समझे जाने वाले हथिया मौसम की बारिश इस साल न बरस कर अन्नदातो को चिंतित कर दिया है
RPP NEWS PORTAL : सवांददाता रिज़वानुल्लाह खान की विशेष रिपोर्ट :
परतावल क्षेत्र के बहुत सारे गावँ में पानी के अभाव में धान की फसलें सूख रही हैं किसान चिंतित है अब उन के सामने एक ही विकल्प है पम्पिंग सेट से पानी चलाकर किसी तरह धान की फसल को सूखने से बचाया जाए,
इस समय जब कि धान की फसल खेतोँ में खड़ी है उस मे बालियां निकलने का समय है ऐसे में पानी की सख्त आवश्यकता है परंतु आसमानी बारिश समय से पहले ही बंद होगई तो अब किसान अपनी लागत और फिर फसल की बर्बादी को सोच सोच कर परीशान है उसे यह गम सता रहा है कि घर मे जो अनाज था सब बेच कर फसल उगाने में लगा दिया अब अगर धान की फसल बर्बाद होगई तो बच्चे क्या खाएंगे ,घर का खर्च कैसे चलेगा,बार बार आसमान की तरफ आंखे उठाकर हसरत भरी नजरों से यह देख रहा है कि शायद अब भी क़ुदरत मेहरबान होजाये और कुछ बारिश हो ,जिस से खेतियाँ सूखने से बच जाए ,परन्तु मायूसी ही हाथ लग रही है ऐसे में अब छेत्र के किसान पम्पिंग सेटों से खेतों में पानी चलाने को बाध्य हो रहे हैं,छेत्र के बुधिराम पुर बैरिया बैजौली,मुर्कटिया, सोनकटिया,बड़हरा गंजन,धनहा,महदेवा,जद्दु पिपरा बर्गदही,सियरहि भार, गोपाला,मोहम्मदपुर,बेलवा,पुरैना,,महमदा,हरपुर तिवारी,आदि गांव में इस समय अपनी धान की सख्ती फसल को बचाने के लिए पम्पिंग सेटों से पानी चला रहे है,दर्जनों किसानों ने अपना सर्द ज़ाहिर करते हुए बताया कि डीजल की मंहगाई ने उन की कमर तोड़ दी है मगर क्या करें बच्चो के लिए कुछ भी करना मजबूरी है,क्षेत्र के किसानों ने जिलाधिकारी महराजगंज से मांग की है इस क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए उन की फसली ऋण माफ कराई जाए
RPP NEWS PORTAL : सवांददाता रिज़वानुल्लाह खान की विशेष रिपोर्ट :
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| पानी के अभाव में सूखते धान के फसल |
परतावल क्षेत्र के बहुत सारे गावँ में पानी के अभाव में धान की फसलें सूख रही हैं किसान चिंतित है अब उन के सामने एक ही विकल्प है पम्पिंग सेट से पानी चलाकर किसी तरह धान की फसल को सूखने से बचाया जाए,
इस समय जब कि धान की फसल खेतोँ में खड़ी है उस मे बालियां निकलने का समय है ऐसे में पानी की सख्त आवश्यकता है परंतु आसमानी बारिश समय से पहले ही बंद होगई तो अब किसान अपनी लागत और फिर फसल की बर्बादी को सोच सोच कर परीशान है उसे यह गम सता रहा है कि घर मे जो अनाज था सब बेच कर फसल उगाने में लगा दिया अब अगर धान की फसल बर्बाद होगई तो बच्चे क्या खाएंगे ,घर का खर्च कैसे चलेगा,बार बार आसमान की तरफ आंखे उठाकर हसरत भरी नजरों से यह देख रहा है कि शायद अब भी क़ुदरत मेहरबान होजाये और कुछ बारिश हो ,जिस से खेतियाँ सूखने से बच जाए ,परन्तु मायूसी ही हाथ लग रही है ऐसे में अब छेत्र के किसान पम्पिंग सेटों से खेतों में पानी चलाने को बाध्य हो रहे हैं,छेत्र के बुधिराम पुर बैरिया बैजौली,मुर्कटिया, सोनकटिया,बड़हरा गंजन,धनहा,महदेवा,जद्दु पिपरा बर्गदही,सियरहि भार, गोपाला,मोहम्मदपुर,बेलवा,पुरैना,,महमदा,हरपुर तिवारी,आदि गांव में इस समय अपनी धान की सख्ती फसल को बचाने के लिए पम्पिंग सेटों से पानी चला रहे है,दर्जनों किसानों ने अपना सर्द ज़ाहिर करते हुए बताया कि डीजल की मंहगाई ने उन की कमर तोड़ दी है मगर क्या करें बच्चो के लिए कुछ भी करना मजबूरी है,क्षेत्र के किसानों ने जिलाधिकारी महराजगंज से मांग की है इस क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए उन की फसली ऋण माफ कराई जाए
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| खेत में पानी चालते किसान |


