RPP NEWS PORTAL :डिजिटल ब्यूरो :
#MeToo कैम्पेन के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर मामले की आज पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई भी होगी। दूसरी तरफ मंत्री के खिलाफ गवाही देने वाली महिला पत्रकारों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। अब प्रिया रमानी समेत इस मामले में गवाही देने वाली पत्रकारों की संख्या 20 हो गई है।
अकबर ने लिखित बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा कि नैतिक आधार पर उन्होंने इस्तीफा दिया है। हालांकि अकबर ने मामले में अदालती कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
ऐसा माना जा रहा है कि कल अजीत डोभाल और अमित शाह से मुलाकात में ही एमजे अकबर से इस्तीफा देने को कह दिया गया था। अकबर के पास पद त्याग के सिवा राजनीतिक तौर पर कोई चारा नहीं था।
हालांकि एक बार फिर अकबर ने खुद के ऊपर लगे आरोपों को नकारा है। उन्होंने साफ कहा कि वे आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ अदालत में लड़ाई लड़ेंगे।
कांग्रेस पार्टी ने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब पहली महिला ने आरोप लगाया था तभी अकबर को इस्तीफा दे दिया जाना चाहिए था।

