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Tuesday, 18 December 2018

अभय पासवान

अब बैंक अकाउंट्स और सिम के लिए जरूरी नहीं होगा आधार कार्ड, कानून में संशोधन को मिली मंजूरी

नई दिल्ली  (आरएनएस)। आधार नंबर को मोबाइल नंबरों और बैंक अकाउंट्स से लिंक करने को वैधता प्रदान करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने 2 मौजूदा कानूनों में संशोधनों के विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में टेलिग्राफ ऐक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में संशोधन के मसौदे को मंजूरी दी गई।
   गौर हो कि सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को लेकर अपने ऐतिहासिक फैसले में प्राइवेट कंपनियों द्वारा ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन पर इस साल सितंबर में प्रतिबंध लगा दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद दूरसंचार और फिनटेक कंपनियों ने सरकार से आधार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से छूट की गुहार लगाई थी। सूत्रों के मुताबिक, दोनों मौजूदा कानूनों में प्रस्तावित संशोधन हो जाने के बाद कोई व्यक्ति नए मोबाइल फोन कनेक्शन लेने और बैंक अकाउंट खोलने के लिए 12 अंक वाली पहचान संख्या को अपनी मर्जी से साझा कर सकेगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला, इसमें आड़े नहीं आएगा।
   सुप्रीम कोर्ट ने आधार ऐक्ट के सेक्शन 57 को खारिज कर दिया था, जिसके तहत सिम कार्ड और बैंक खातों के साथ आधार लिंकिंग अनिवार्य थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि इस प्रावधान का कोई कानूनी आधार नहीं है। यही वजह है कि आधार के जरिए मोबाइल सिम जारी किए जाने को कानूनी समर्थन उपलब्ध कराने के लिए टेलिग्राफ ऐक्ट को संशोधित किया जा रहा है।
   इसी तरह, पीएमएलए में संशोधन के बाद लोगों के पास केवाईसी के लिए अपने बैंक अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक कराने का विकल्प उपलब्ध होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में आधार की संवैधानिक वैधता पर मुहर लगाते हुए कहा था कि सरकार द्वारा प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं की सब्सिडी के लिए के लिए इसे जरूरी बताया था। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि बैंक अकाउंट खोलने या मोबाइल फोन कनेक्शन लेने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने यह फैसला प्रिवेसी की चिंताओं को लेकर दाखिल की गईं याचिकाओं पर दिया था।

अभय पासवान

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