*मामला फर्जी डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड करने का
*मुरादाबाद थाना कांठ से एक बड़ी ख़बर प्रकाश में
* मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर निकट प्रथमा बैंक कांठ जनपद मुरादाबाद का मामला
*अल्ट्रासाउंड सेण्टर के मालिक के खिलाफ नही हुई कोई कानूनी कार्यवाही

आर.पी.पी न्यूज़:(मुरादाबाद) जिला मुरादाबाद थाना कांठ से एक बड़ी ख़बर प्रकाश में आया है,मामला फर्जी डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड करने का है| मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर निकट प्रथमा बैंक कांठ जनपद मुरादाबाद में रेडियोलॉजिस्ट डाक्टर नहीं था, और यहाँ आरिफ़ मलिक नाम का व्यक्ति अल्ट्रासाउंड कर रहा था, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत और कोई व्यक्ति अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकता है अगर कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो वह कानूनन जूर्म है| जब मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर में डॉक्टर के नहीं होने कि भनक लगी तो उसका अल्ट्रासाउंड करतें हुए विडियो बनाया गया विडियो में आरिफ मलिक साफ अल्ट्रासाउंड करते हुए दिखाई दे रहा है जो कोई डॉक्टर नहीं है | विडियो बनाने वाले व्यक्ति ने जब या सूचना यूपी डायल 100 को दी तो UP 32DG0275 कि गाड़ी मौके पर पहुँची और आरिफ़ मलिक को हिरासत में लेकर कोतवाली कांठ को दे दिया था|आनन फानन में यह मामला डीएम सहित सभी अधिकारिओं के संज्ञान में चला गया और मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर को सीज कर दिया गया, लेकिन आज तक जिम्मेदार अधिकारिओं ने मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर के मालिक खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नही कराई है | अब जरा आप ही सोचिये सरकार 'बेटी बचाओ' का नारा दे रही है और फर्जी डॉक्टर इस पर पानी फेर रहें है | भोली भाली जनता क्या 600 से 1000 अल्ट्रासाउंड फर्जी रिपोर्ट पाने के लिए खर्च करती है क्या ? सवाल ये भी है कि बिना डॉक्टर के ऐसे लोग आखिर किसके सह पर इतना बड़ा घोर अपराध कर रहें हैं ? और पकड़े जाने पर ऐसे लोगों को क्यों बचाया जा रहा है ? पुलिस ने तो आरिफ़ को पकड़ कर अपना कार्य कर दी, लेकिन क्या मुरादाबाद के सीएमओ की यह जिम्मेदारी नहीं बनती है कि वे इस मामले के दोषियों के खिलाफ कार्यावाही करें ?
*मुरादाबाद थाना कांठ से एक बड़ी ख़बर प्रकाश में
* मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर निकट प्रथमा बैंक कांठ जनपद मुरादाबाद का मामला
*अल्ट्रासाउंड सेण्टर के मालिक के खिलाफ नही हुई कोई कानूनी कार्यवाही

आर.पी.पी न्यूज़:(मुरादाबाद) जिला मुरादाबाद थाना कांठ से एक बड़ी ख़बर प्रकाश में आया है,मामला फर्जी डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड करने का है| मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर निकट प्रथमा बैंक कांठ जनपद मुरादाबाद में रेडियोलॉजिस्ट डाक्टर नहीं था, और यहाँ आरिफ़ मलिक नाम का व्यक्ति अल्ट्रासाउंड कर रहा था, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत और कोई व्यक्ति अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकता है अगर कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो वह कानूनन जूर्म है| जब मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर में डॉक्टर के नहीं होने कि भनक लगी तो उसका अल्ट्रासाउंड करतें हुए विडियो बनाया गया विडियो में आरिफ मलिक साफ अल्ट्रासाउंड करते हुए दिखाई दे रहा है जो कोई डॉक्टर नहीं है | विडियो बनाने वाले व्यक्ति ने जब या सूचना यूपी डायल 100 को दी तो UP 32DG0275 कि गाड़ी मौके पर पहुँची और आरिफ़ मलिक को हिरासत में लेकर कोतवाली कांठ को दे दिया था|आनन फानन में यह मामला डीएम सहित सभी अधिकारिओं के संज्ञान में चला गया और मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर को सीज कर दिया गया, लेकिन आज तक जिम्मेदार अधिकारिओं ने मैक्स डायग्नोस्टिक सेण्टर के मालिक खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नही कराई है | अब जरा आप ही सोचिये सरकार 'बेटी बचाओ' का नारा दे रही है और फर्जी डॉक्टर इस पर पानी फेर रहें है | भोली भाली जनता क्या 600 से 1000 अल्ट्रासाउंड फर्जी रिपोर्ट पाने के लिए खर्च करती है क्या ? सवाल ये भी है कि बिना डॉक्टर के ऐसे लोग आखिर किसके सह पर इतना बड़ा घोर अपराध कर रहें हैं ? और पकड़े जाने पर ऐसे लोगों को क्यों बचाया जा रहा है ? पुलिस ने तो आरिफ़ को पकड़ कर अपना कार्य कर दी, लेकिन क्या मुरादाबाद के सीएमओ की यह जिम्मेदारी नहीं बनती है कि वे इस मामले के दोषियों के खिलाफ कार्यावाही करें ?
