आर पी पी न्यूज़ : गोरखपुर : चर्चित डॉक्टर डीपी सिंह को एसटीएफ ने किया गिरफ़्तार,प्रेमिका राखी श्रीवास्तव की हत्या के मामले में गिरफ़्तारी, नेपाल ले जाकर की गई थी हत्या, प्रेमिका की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर सर्जन डीपी सिंह ने कराई थी हत्या, शराब और नशे की दवा देकर राखी को किया गया था बेहोश, बेहोशी की हालत में खाई से फेंक कर की गई थी हत्या, नेपाल के पोखरा से मिली थी लाश, एसटीएफ आईजी अमिताभ यश ने प्रेसवार्ता में किया खुलासा,आर्यन हॉस्पिटल का संचालक भी है कैन्ट इलाके से की गई गिरफ़्तारी ।
गोरखपुर इस तरह पकड़ा गया आर्यन हॉस्पिटल का मालिक डॉ.डी पी सिंह पहले प्रेमिका को पिलाया शराब फिर ले ली जान* पढ़े क्या है पूरा मामला डॉ. डी पी सिंह का संबंध राजेश्वरी श्रीवास्तव से साल 2006-07से था। राखी के पिता हरेराम श्रीवास्तव डॉ. डी पी सिंह के अस्पताल में ही भर्ती थे ,जिसकी वजह से राखी का यह आना-जाना रहता था लगातार अस्पताल में राखी के आने से उनका संबंध बन गया।फिर उन दोनों ने साल 2011 के फरवरी में जनपद गोण्डा में शादी कर ली।
डॉ. डी पी सिंह की पहली पत्नी ऊषा आर सिंह को उनकी यह शादी के बारे में कोई जानकारी नही थी।उनकी एक बेटी हुई जिसकी मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। दिल्ली में हुई दिल दहलाने वाली निर्भया कांड के बाद डॉ.के ऊपर उनकी पत्नी ऊषा ने रेप और अपहरण का मुकदमा दर्ज करवाया।यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
राखी को डॉक्टर ने सरस्वतीपुरम थाना बछिया शाहपुर गोरखपुर में मकान खरीद कर दिया था। राखी की शादी साल 2018 के फरवरी में मनीष कुमार श्रीवास्तव नाम के एक व्यक्ति से हो गया शादी के बाद भी राखी का संबंध डॉक्टर के साथ बना रहा।राखी हमेशा डॉक्टर को ब्लैकमेल करके पैसा लिया करती थी।इस बात से तंग आकर डॉक्टर ने कई दिनों से योजना बनाना शुरू कर दिया था कि कैसे राखी की हत्या करनी है।
4 जून 2018 को डॉक्टर देश दीपक निषाद और प्रमोद कुमार सिंह के साथ स्कार्पियो से नेपाल गया। नेपाल जाने के दौरान प्रमोद कुमार गाड़ी चला रहे थे जबकि देश दीपक निषाद ड्राइवर की बगल वाली सीट पर दोपहर के समय ये लोग नेपाल पहुचे। प्रमोद कुमार ने भन्सार बनवाया था भन्सार बनवाने के लिए प्रमोद का डीएल लगवाया गया था।
पकड़े गए संतोष के हत्यारे -हत्या की चौकाने वाली वजह आई सामने* राखी के चाय में एलप्रक्स दावा का पाउडर मिलाया गया। नेपाल में थोड़ा अंदर जाने पर रास्ते मे सड़क पर राखी बैग लेकर खड़ी इन लोगो से मिली। डॉक्टर की बात नेपाल के नेबर से ही राखी से हुई थी।राखी डॉक्टर के बगल में ही उनके साथ गाड़ी में बैठ गई इसके बाद ये लोग पोखरा के लिए निकल।बुटवल से थोड़ा आगे और पालपा से पहले इन लोगो ने नाश्ता किया। बुटवल से लगभग 100 किमी आगे मुलेग में छोटा होटल में सभी रात में रुका।इन लोगो ने होटल में दो रूम बुक किये थे डॉक्टर और राखी एक कमरे में ठहरे थे। इसके बाद सुबह लगभग 11 बजे ये लोग खाना खाकर पोखरा के लिए निकले। लगभग 4.5बजे सभी पोखरा पहुचे और डेविस फाल घूमे। इसके बाद राखी ने मार्केटिंग की फिर पोखरा में ही सभी ने नाश्ता किया और उसके बाद पहाड़ के ऊपर सर्गकोट स्थान पर सभी होटल में रुके। इस होटल में इन लोगो ने चाय और शराब भी पी ली। राखी के चाय में डॉक्टर ने एलप्ररेक्स दवा का पाउडर मिला दिया। लगभग रात के 11 बजे राखी की तबियत अचानक खराब होने लगी।फिर ये लोग राखी को लेकर उसी रात पोखरा के लिए निकल गए। गाड़ी में ही राखी बेहोश हो गई इसके बाद इन लोगो ने राखी को गाड़ी से निकाला और एक पहाड़ से नीचे धक्का दे दिया। राखी को पहाड़ से धक्का देने के बाद उनके फोन को नाले में फेंक दिया गया जिसके बाद ये सभी लोग गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। 6 जून 2018 को ये लोग गोरखपुर आ गए। हत्या करने के वजह में डॉक्टर ने प्रमोद कुमार सिंह व देश दीपक निषाद का वेतन प्रतिमाह 5 हजार रुपये बढ़ाने के लिए कहा था। राखी का मोबाइल इन लोगो ने नेपाल में ही नाले में फेंक दिया और सिम कार्ड भी निकाल लिया।सितम्बर या अक्टूबर में राखी के सिम को दीसरे मोबाइल में लगाकर गुहवाटी ले कर जाकर आन करके छोड़ दिया ।प्रमोद कुमार सिंह और देश दीपक निषाद अवध आसाम ट्रेन से गुहवाटी गैर थे।सिम को गुहवाटी में छोड़ने की एवज में इन दोनों को 50 हजार रूपयर दिए थे।। *असलम अंसारी*



