आर पी पी न्यूज ।वरिष्ठ संवाददाता रिज़वानुल्लाह खान की रिपोर्ट आवाटिका अतिथि भवन महराज गंज में विश्वकर्मा समाज की बैठक,समाज को उन का हक़ दिलाने की मांग
महराजगंज में अतिथि भवन में विश्वकर्मा समाज की एक आवश्यक बैठक हुई जिस में समाज के सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित हुए,बैठक को सम्बोधित करते हुए विश्वकर्मा विकास एवं सुरक्षा समिति के प्रदेश प्रभारी बृजेश विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज को उनकी जनसंख्या के अनुसार सरकारी नौकरियों व विधानसभा, लोकसभा और सरकार में सभी राजनैतिक दलो को हिस्सेदारी देनी होगी।विश्वकर्मा समाज अब उपेक्षा और अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा और अपना अधिकार लेकर रहेगा।उन्हीने कहा कि पूरे देश में विश्वकर्मा समाज की जनसंख्या 7.5 करोड है। यह समाज लोहार बढई धीमान राना पांचाल मैथिल रामगढिया तरखान सोनार शिल्पकार में बंटे होने तथा क्षेत्र में बिखरे होने के कारण अभी तक समाज की ताकत प्रदर्शित नहीं कर पाये जिसके कारण विश्वकर्मा समाज की पहचान नहीं बन पायी। आज देश की लोकसभा या प्रदेश की विधानसभा में विश्वकर्मा समाज का एक भी सांसद या विधायक नहीं है।सरकार के मन्त्रिमण्डल में विश्वकर्मा समाज का एक भी मन्त्री नहीं बना जिसके कारण विश्वकर्मा समाज की आवाज न तो सरकार तक पहुंच पायी और न ही विश्वकर्मा समाज के विकास के लिये नीतियां बनायी जा सकी।जब तक विश्वकर्मा समाज की सरकार मे भागीदारी नहीं होगी और समाज के लोग मन्त्री नहीं बनेगे तब तक न तो विश्वकर्मा समाज का सम्मान बढेगा और न विश्वकर्मा समाज का भला होगा।श्री विश्वकर्मा ने कहा कि हमारी जनसंख्या इतनी नहीं है कि हम अकेले सरकार बना लें लेकिन इतनी अवश्य है कि हम सरकार बनाने की गणित को जरूर बिगाड सकते है।इसलिये विश्वकर्मा समाज को उनकी जनसंख्या के अनुसार उन्हें अधिकार और सम्मान सभी राजनैतिक दलों को देना होगा।हम किसी का अधिकार छीनना नहीं चाहते बल्कि चाहते हैं कि केन्द्र सरकार पिछडी जातियों और विश्वकर्मा समाज की जनगणना कराये और जनसंख्या के अनुसार समाज को अधिकार और भागीदारी देने का कार्य करे।श्री विश्वकर्मा ने कहा कि समाजवादी नीतियां ही समाज को आगे बढा सकती है इसलिए विश्वकर्मा समाज हीनता को त्याग कर राजनीति में आगे आये। श्री विश्वकर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी ने सरकार व संगठन में सम्मान देने का काम किया देश के इतिहास में प्रथम बार भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस 17 सितम्बर का सार्वजनिक अवकाश घोषित करके विश्वकर्मा की पहचान बनायी। समाज के बेरोजगार लोगो को वर्कशाप और कुटीर उद्योग लगाने हेतु ग्रामसभा की जमीन का पट्टा देने और इण्टर पास विश्वकर्मा समाज के युवको को आईटीआई का प्रमाणपत्र जारी करने का शासनादेश जारी किया।समाज के युवको को नौकरी और रोजगार देने का प्रबन्ध किया।समाजवादी पार्टी ने विश्वकर्मा समाज को सत्ता और सरकार में भागीदारी देकर विश्वकर्मा समाज की पहचान बनायी जो आज तक किसी अन्य दल ने नहीं किया।भाजपा सरकार ने वादा पूरा न कर देश की जनता से वादा खिलाफी की।



