आर.पी.पी न्यूज़(महराजगंज) "आज 26 जुलाई है आज ही के दिन हमारे वीर सपूतों ने कारगिल युद्ध में कठिन परिस्थितियों को नकारते हुए पाकिस्तान को धूल चटाई थी इस युद्ध मे 527 भारतीय वीर सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान दिया कई मांओं ने अपने बेटों की कुर्बानियां दीं तो कईयों की मांग का सिंदूर मिट गया,कई बहनों की राखियों को कलाइयां नहीं मिली तो कई मासूम बच्चे पिता के साये से आज तक महरूम है,पर कारगिल के जांबाजों ने देशप्रेम की ऐसी इबारतें लिखीं, जो शताब्दियों तक याद रखी जाएंगी, ये बाते आज 20वे कारगिल विजय दिवश के पावन पर्व पर सशस्त्र सीमा बल 66वी वाहिनी नौतनवा की ओर से आयोजित सद्भावना दौड़ को झंडी दिखाते हुए बतौर मुख्य अतिथि नौतनवा नगर पालिका अध्यक्ष *गुड्डू खान* ने कही।
इस यूनिटी रेस में नौतनवा वासी सारे धर्म और जाति के बन्धन को पीछे छोड़ जमकर दौड़े और खूब पसीना बहाया ये दौड़ थी कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान का ये दौड़ थी देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का ये दौड़ थी देश के मस्तक को ऊपर करने की इसमें आम से लेकर खास तक, बच्चो से लेकर वृद्ध तक के सभी लोगो ने बढ़- चढ़ कर हिस्सा लिया साथ ही साथ इसमें स्कूलों के हजारों छात्र- छात्राओं ने भाग लिया।यह दौड गांधी चौक से शुरू होकर नौतनवा इण्टर कालेज पर पहुंच कार्यक्रम के रूप में संम्पन्न हुआ। मैराथन दौड़ में प्रथम स्थान लालजी मौर्या,द्वितीय स्थान राम सहाय व तृतीय स्थान सुधीर शर्मा ने प्राप्त किया।
वही सशस्त्र सीमा बल 66वी वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंड बरजीत सिंह ने कहा कि "आज कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए दीवानों के सपनों को पूरा करना हम सभी की जवाबदेही बनती है और देशभक्ति केवल युद्ध लड़ना ही नहीं होता बल्कि सद्भावना दौड़ में भाग लेकर भी देश की सेवा की जा सकती है,
इस अवसर पर बन्टी पाण्डेय,शाहनवाज खान,राजेश ब्वाएड,खुर्शेद आलम,प्रमोद पाठक,राजेन्द्र जाय0,पप्पू जाय0,अशोक कुमार,किसमती देवी,राजकुमार गौड़,वीरेन्द्र कुमार राव,राजाराम जाय0,मनोज राना,जगदीश यादव, सुलेखा तिवारी,अनुज राय,सद्दाम खान,कृष्ण बहादुर थापा, परमेश्वर यादव,रमेश सिंह के अलावा सशस्त्र सीमा बल के जवान, प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग उपस्थित रहे।
इस यूनिटी रेस में नौतनवा वासी सारे धर्म और जाति के बन्धन को पीछे छोड़ जमकर दौड़े और खूब पसीना बहाया ये दौड़ थी कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान का ये दौड़ थी देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का ये दौड़ थी देश के मस्तक को ऊपर करने की इसमें आम से लेकर खास तक, बच्चो से लेकर वृद्ध तक के सभी लोगो ने बढ़- चढ़ कर हिस्सा लिया साथ ही साथ इसमें स्कूलों के हजारों छात्र- छात्राओं ने भाग लिया।यह दौड गांधी चौक से शुरू होकर नौतनवा इण्टर कालेज पर पहुंच कार्यक्रम के रूप में संम्पन्न हुआ। मैराथन दौड़ में प्रथम स्थान लालजी मौर्या,द्वितीय स्थान राम सहाय व तृतीय स्थान सुधीर शर्मा ने प्राप्त किया।
वही सशस्त्र सीमा बल 66वी वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंड बरजीत सिंह ने कहा कि "आज कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए दीवानों के सपनों को पूरा करना हम सभी की जवाबदेही बनती है और देशभक्ति केवल युद्ध लड़ना ही नहीं होता बल्कि सद्भावना दौड़ में भाग लेकर भी देश की सेवा की जा सकती है,
इस अवसर पर बन्टी पाण्डेय,शाहनवाज खान,राजेश ब्वाएड,खुर्शेद आलम,प्रमोद पाठक,राजेन्द्र जाय0,पप्पू जाय0,अशोक कुमार,किसमती देवी,राजकुमार गौड़,वीरेन्द्र कुमार राव,राजाराम जाय0,मनोज राना,जगदीश यादव, सुलेखा तिवारी,अनुज राय,सद्दाम खान,कृष्ण बहादुर थापा, परमेश्वर यादव,रमेश सिंह के अलावा सशस्त्र सीमा बल के जवान, प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग उपस्थित रहे।


