दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया। 81 वर्षीय शीला दीक्षित लंबे समय से बीमार थीं। फिलहाल कांग्रेस ने उन्हें दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे रखी थी। 15 साल तक राजधानी की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित का दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में निधन हो गया।
आर.पी.पी न्यूज़:नई दिल्ली :
दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया। 81 वर्षीय शीला दीक्षित का निधन दिल की बीमारी के चलते हुआ। फिलहाल कांग्रेस ने उन्हें दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे रखी थी। 15 साल तक राजधानी की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के नाम सबसे ज्यादा वक्त तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। बता दें कि अपने निधन से कुछ दिनों पहले तक वह राजनीति में खासी ऐक्टिव थीं और हाल ही में उन्होंने दिल्ली में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी की थी।
दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया। 81 वर्षीय शीला दीक्षित का निधन दिल की बीमारी के चलते हुआ। फिलहाल कांग्रेस ने उन्हें दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे रखी थी। 15 साल तक राजधानी की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के नाम सबसे ज्यादा वक्त तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। बता दें कि अपने निधन से कुछ दिनों पहले तक वह राजनीति में खासी ऐक्टिव थीं और हाल ही में उन्होंने दिल्ली में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी की थी।
यही नहीं कांग्रेस पार्टी दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें सीएम के चेहरे के तौर पर उतारने की तैयारी में भी थी। दिल्ली में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद केरल की राज्यपाल भी रही थीं। इसके अलावा कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी पेश किया था। शीला को हमेशा से गांधी-नेहरू परिवार का करीबी माना जाता था।
फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया कि उन्हें शनिवार सुबह भर्ती कराया गया था। दिल का दौरा पड़ने के चलते उनकी स्थिति गंभीर थी। डॉ. अशोक सेठ के नेतृत्व में कई डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे थे, लेकिन उन्हें दोपहर में एक बार फिर से दिल का दौरा पड़ा और दोपहर 3:55 पर उनका निधन हो गया। शीला दीक्षित का शव फिलहाल निजामुद्दीन स्थित उनके आवास पर रखा गया है। रविवार सुबह उनका शव कांग्रेस मुख्यालय ले जाया जाएगा और दोपहर ढाई बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा।
दिल्ली में विकास की राजनीति का चेहरा थीं शीला
शीला दीक्षित को समन्वयवादी राजनीति और विकास का चेहरा माना जाता रहा है। दिल्ली में मेट्रो के नेटवर्क का विस्तार हो या फिर बारापूला जैसे बड़े रोड नेटवर्क उन्हीं की देन माने जाते हैं। दिल्ली में उनके सहयोगी मंत्री रहे महाबल मिश्रा ने शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देते हुए कहा उनके निधन से हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती।
फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया कि उन्हें शनिवार सुबह भर्ती कराया गया था। दिल का दौरा पड़ने के चलते उनकी स्थिति गंभीर थी। डॉ. अशोक सेठ के नेतृत्व में कई डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे थे, लेकिन उन्हें दोपहर में एक बार फिर से दिल का दौरा पड़ा और दोपहर 3:55 पर उनका निधन हो गया। शीला दीक्षित का शव फिलहाल निजामुद्दीन स्थित उनके आवास पर रखा गया है। रविवार सुबह उनका शव कांग्रेस मुख्यालय ले जाया जाएगा और दोपहर ढाई बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा।
दिल्ली में विकास की राजनीति का चेहरा थीं शीला
शीला दीक्षित को समन्वयवादी राजनीति और विकास का चेहरा माना जाता रहा है। दिल्ली में मेट्रो के नेटवर्क का विस्तार हो या फिर बारापूला जैसे बड़े रोड नेटवर्क उन्हीं की देन माने जाते हैं। दिल्ली में उनके सहयोगी मंत्री रहे महाबल मिश्रा ने शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देते हुए कहा उनके निधन से हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती।


