नवजात शिशुओं की गृह आधारित उचित देखभाल करें आशा कार्यकर्ता
दो किलो से कम वजन का बच्चा हो तो जच्चा-बच्चा का रखें ख्याल
आर पी पी न्यूज़ : सवांददाता अभय पासवान -महराजगंज आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देते हुए स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत ने कहा कि नवजात शिशुओं की गृह आधारित उचित देखभाल करें, अगर कोई बच्चा दो किलो से कम वजन का पैदा होता है तो जच्चा-बच्चा दोनों का ख्याल रखें , साथ ही सतर्कता भी बरतें। गंभीर स्थिति दिखे तो चिकित्सक से सलाह लेने के लिए प्रेरित तथा सहयोग करें।गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल ( एचबीएनसी) को लेकर सिन्दुरिया स्थित अचल प्रशिक्षण केन्द्र में सदर एवं घुघली ब्लाक को 60 आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण चल रहा है। जिसमें सदर घुघली ब्लाक की क्रमशः 30-30 आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।प्रशिक्षण के तीसरे दिन शुक्रवार को सदर ब्लाक के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात शिशुओं का कम से कम 42 दिनों तक देखभाल करना जरूरी है इस व्यवस्था के तहत अगर बच्चा अस्पताल में पैदा हुआ है तो 3, 7, 14, 21, 28 तथा 42 दिन पर उचित देखभाल करना है। अगर बच्चा घर पर पैदा हुआ हो तो सात विजीट करना है। उन्होंने बताया कि अगर कोई बच्चा दो किलो से कम वजन का पैदा हुआ है तो उसकी कुल 13 बार जांच करनी है। साथ ही जच्चा -बच्चा दोनों का देखभाल सतर्कता से करनी है। ऐसे नवजातों का हर बार वजन लिया जाए, तापमान लिया जाए, उसके शरीर का फिजीकल स्थिति देखी जाए। इसके साथ- साथ यह भी देखें कि नवजात सही से माँ का दूध पी रहा है कि नहीं? नवजात शिशुओं के साथ-साथ प्रसूता का भी देखभाल किया जाएँ, प्रसूता को बुखार आदि जैसी शिकायत हो तो उसे सरकारी अस्पताल की राह दिखाएं। प्रशिक्षण ले रही आशा कार्यकर्ता अर्चना ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान नवजात शिशुओं की देखभाल करने की जानकारी प्राप्त हुई। जिसके आधार पर अब ठीक से देखभाल हो सकेगी। आशा नीलम ने कहा कि कम वजन का बच्चा पैदा होने पर जच्चा-बच्चा दोनों का देखभाल करने का टिप्स मिला। इससे काम आसान होगा। प्रशिक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परतावल के चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर राजेश कुमार, शैलेश कुमार पाण्डेय, वी पी पाठक , वेद प्रकाश चौरसिया आदि मौजूद रहे।
दो किलो से कम वजन का बच्चा हो तो जच्चा-बच्चा का रखें ख्याल
आर पी पी न्यूज़ : सवांददाता अभय पासवान -महराजगंज आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देते हुए स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत ने कहा कि नवजात शिशुओं की गृह आधारित उचित देखभाल करें, अगर कोई बच्चा दो किलो से कम वजन का पैदा होता है तो जच्चा-बच्चा दोनों का ख्याल रखें , साथ ही सतर्कता भी बरतें। गंभीर स्थिति दिखे तो चिकित्सक से सलाह लेने के लिए प्रेरित तथा सहयोग करें।गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल ( एचबीएनसी) को लेकर सिन्दुरिया स्थित अचल प्रशिक्षण केन्द्र में सदर एवं घुघली ब्लाक को 60 आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण चल रहा है। जिसमें सदर घुघली ब्लाक की क्रमशः 30-30 आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।प्रशिक्षण के तीसरे दिन शुक्रवार को सदर ब्लाक के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात शिशुओं का कम से कम 42 दिनों तक देखभाल करना जरूरी है इस व्यवस्था के तहत अगर बच्चा अस्पताल में पैदा हुआ है तो 3, 7, 14, 21, 28 तथा 42 दिन पर उचित देखभाल करना है। अगर बच्चा घर पर पैदा हुआ हो तो सात विजीट करना है। उन्होंने बताया कि अगर कोई बच्चा दो किलो से कम वजन का पैदा हुआ है तो उसकी कुल 13 बार जांच करनी है। साथ ही जच्चा -बच्चा दोनों का देखभाल सतर्कता से करनी है। ऐसे नवजातों का हर बार वजन लिया जाए, तापमान लिया जाए, उसके शरीर का फिजीकल स्थिति देखी जाए। इसके साथ- साथ यह भी देखें कि नवजात सही से माँ का दूध पी रहा है कि नहीं? नवजात शिशुओं के साथ-साथ प्रसूता का भी देखभाल किया जाएँ, प्रसूता को बुखार आदि जैसी शिकायत हो तो उसे सरकारी अस्पताल की राह दिखाएं। प्रशिक्षण ले रही आशा कार्यकर्ता अर्चना ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान नवजात शिशुओं की देखभाल करने की जानकारी प्राप्त हुई। जिसके आधार पर अब ठीक से देखभाल हो सकेगी। आशा नीलम ने कहा कि कम वजन का बच्चा पैदा होने पर जच्चा-बच्चा दोनों का देखभाल करने का टिप्स मिला। इससे काम आसान होगा। प्रशिक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परतावल के चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर राजेश कुमार, शैलेश कुमार पाण्डेय, वी पी पाठक , वेद प्रकाश चौरसिया आदि मौजूद रहे।

