*रजिस्टर में हस्ताक्षर कर गायब प्रधानाध्यापिका निलंबित, तीन का कर दिया गया तबादला*
आर पी पी न्यूज़ : सवांददाता राम आशीष मौर्य -*महराजगंज* डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने मंगलवार को सदर ब्लाक के लखिमा थरूआ गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हस्ताक्षर बनाकर गायब रही प्रधानाध्यापिका रूक्मिणी को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया। वहीं बच्चों की संख्या कम होने व पठन-पाठन की व्यवस्था खराब होने पर सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्रों को दूर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। डीएम सबसे पहले 11.35 बजे प्राथमिक विद्यालय पर पहुंचे। वहां उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। प्रधानाध्यापिका रूक्मिणी पटेल हस्ताक्षर बनाई थीं, लेकिन मौके पर नहीं थीं। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापिका को तत्काल निलंबित करने का निर्देश बीएएस को दिया। इसके बाद डीएम ने बच्चों की उपस्थिति देखी। इसमें कक्षा पांच में पंजीकृत 18 बच्चों में से केवल कक्षा छह बच्चे, कक्षा चार में 29 में से आठ, कक्षा तीन में 32 में छह, कक्षा दो में 20 में से छह, कक्षा एक में 20 में से सात ही उपस्थित मिले। उपस्थित बच्चों में से भी कुछ बच्चे घर चले गए थे। बच्चों की कम संख्या पर शिक्षकों व शिक्षामित्र को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने पठन पाठन व शिक्षा की गुणवत्ता परखी।चेतावनी, बच्चों का भविष्य खराब न करें डीएम ने बच्चों से पूछा कि वन्य जीव में कौन-कौन से जानवर आते हैं? इस प्रश्न का कोई छात्र जवाब नहीं दे सका। पठन-पाठन की व्यवस्था ठीक नहीं होने पर डीएम ने अध्यापकों को चेतावनी दी कि बच्चों का भविष्य खराब न करें। शिक्षण व्यवस्था खराब होने पर सहायक अध्यापक आकान्ता गुप्ता, शिक्षामित्र रेहाना खातून व पुष्पांजलि पटेल को दूर विद्यालय पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।--- गुरूजी बन गए डीएम प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने बाद डीएम पूर्व माध्यमिक विद्यालय लखिमा थरूआ का भी निरीक्षण करने पहुंचे। यहां बच्चों से पर्यावरण विषय पर सवाल पूछा लेकिन कोई बच्चा जवाब नहीं दे सका। इसके बाद डीएम खुद शिक्षक की भूमिका में आ गए। डीएम ने श्यामपट्ट पर बच्चों को पर्यावरण के विषय में पढ़ाना शुरू कर दिया। बच्चों को पर्यावरण शब्द को संधि-विच्छेद करके समझाया।
आर पी पी न्यूज़ : सवांददाता राम आशीष मौर्य -*महराजगंज* डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने मंगलवार को सदर ब्लाक के लखिमा थरूआ गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हस्ताक्षर बनाकर गायब रही प्रधानाध्यापिका रूक्मिणी को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया। वहीं बच्चों की संख्या कम होने व पठन-पाठन की व्यवस्था खराब होने पर सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्रों को दूर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। डीएम सबसे पहले 11.35 बजे प्राथमिक विद्यालय पर पहुंचे। वहां उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। प्रधानाध्यापिका रूक्मिणी पटेल हस्ताक्षर बनाई थीं, लेकिन मौके पर नहीं थीं। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापिका को तत्काल निलंबित करने का निर्देश बीएएस को दिया। इसके बाद डीएम ने बच्चों की उपस्थिति देखी। इसमें कक्षा पांच में पंजीकृत 18 बच्चों में से केवल कक्षा छह बच्चे, कक्षा चार में 29 में से आठ, कक्षा तीन में 32 में छह, कक्षा दो में 20 में से छह, कक्षा एक में 20 में से सात ही उपस्थित मिले। उपस्थित बच्चों में से भी कुछ बच्चे घर चले गए थे। बच्चों की कम संख्या पर शिक्षकों व शिक्षामित्र को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने पठन पाठन व शिक्षा की गुणवत्ता परखी।चेतावनी, बच्चों का भविष्य खराब न करें डीएम ने बच्चों से पूछा कि वन्य जीव में कौन-कौन से जानवर आते हैं? इस प्रश्न का कोई छात्र जवाब नहीं दे सका। पठन-पाठन की व्यवस्था ठीक नहीं होने पर डीएम ने अध्यापकों को चेतावनी दी कि बच्चों का भविष्य खराब न करें। शिक्षण व्यवस्था खराब होने पर सहायक अध्यापक आकान्ता गुप्ता, शिक्षामित्र रेहाना खातून व पुष्पांजलि पटेल को दूर विद्यालय पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।--- गुरूजी बन गए डीएम प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने बाद डीएम पूर्व माध्यमिक विद्यालय लखिमा थरूआ का भी निरीक्षण करने पहुंचे। यहां बच्चों से पर्यावरण विषय पर सवाल पूछा लेकिन कोई बच्चा जवाब नहीं दे सका। इसके बाद डीएम खुद शिक्षक की भूमिका में आ गए। डीएम ने श्यामपट्ट पर बच्चों को पर्यावरण के विषय में पढ़ाना शुरू कर दिया। बच्चों को पर्यावरण शब्द को संधि-विच्छेद करके समझाया।


