परतावल बाजार
उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप व्यापक है वहीं करीब 1 सप्ताह से महाराजगंज जनपद में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है जिसका तापमान 4से 5डिग्री सेल्सियस तक गिर जाने के कारण हार्ड कपा देने वाली ठंड से सभी लोग बेहाल है इसके बावजूद भी ठंड से निपटने के लिए परतावल में प्रशासनिक व्यवस्था सुन हैं लोग प्रशासन से आस लगाए बैठे हैं लेकिन परतावल बाजार के युवको ने राहगीरों एवं व्यवसायियों के लिए पिपराईच मार्ग पर अलाव की व्यवस्था की है इस सराहनीय कार्य से परतावल बाजार के दुकानदारों ने काफी प्रशंसा कीऔर नौजवानों ने प्रशासन को भीषण ठंड में अलावल और जलाने पर सौतेला व्यवहार करने की आरोप भी लगाए उल्लेखनीय है कि इस ठंड में जनजीवन के साथ पशु पक्षी बेहाल है इसके बावजूद ठंड के प्रकोप से बचने के लिए सरकारी व्यवस्था सिर्फ साहब के लिए बनी हुई है साहब लोगों की व्यवस्था है कागजों तक सीमित हो जाती है आम आदमी के अलावा भी दूर हो गया वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रमुख मार्केट होने के नाते रोजआना जाना परतावल चौक परतावल बाजार में प्रतिदिन आना पड़ता है इन प्रमुख स्थानों पर सरकारी कई विभाग होने के बाद भी विभागों के सामने भी अलाव की व्यवस्था नहीं है इतना ही नहीं 30 शैया का बना महिला प्रसूति भव्य अस्पताल जहां पर रोजाना प्रसव होता है और महिला मरीज के तीमारदार इस भीषण ठंड में अस्पताल में रात गुजारते हैं परंतु उनके लिए भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है जब मरीजों के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं है तो बुजुर्गों एवं जरूरतमंदों सहित सड़क के किनारे रहने वाले लोगों की क्या व्यवस्था होगी कुछ स्थानों पर काल्पनिक आवास बनाकर अपनी जीव का पालन करने वाले इंसान इस ठंडक के प्रकोप से किस तरीके से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं प्रकृति का ही करिश्मा है किसी तरीके से व्यक्तिगत व्यवस्था करके अलाव की व्यवस्था झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग कर रहे हैं लेकिन प्रशासन की उदासीनता चरम सीमा पर है प्रशासन दिन प्रतिदिन उदासीन का प्रतीक बनता जा रहा है
अलाव जलाने वाले समाजसेवी अभिषेक गुप्ता, रंजीत शर्मा, विशाल विश्वकर्मा ,चन्दन प्रजापति, आदि तमाम समाजसेवी मौजूद रहे।
स्मरण रहे कि व्यवसायियों के अंदर कपड़े व्यवसाय को लेकर इस वर्ष दिसंबर 2019 के अंतिम चरण में खुशी देखने को मिली परंतु जनजीवन प्रकृति के कहर से पूर्णता प्रभावित हो गया है शुक्रिया है कि उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा सभी शिक्षण संस्थानों को अवकाश घोषित कर दिया गया है नहीं तो छात्र-छात्राओं एवं बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता वही शिक्षकों को अवकाश की छुट्टी न मिलने पर इस भीषण ठंड में कायाकल्प योजना के तहत कार्यालयों में कार्य करने पर कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप व्यापक है वहीं करीब 1 सप्ताह से महाराजगंज जनपद में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है जिसका तापमान 4से 5डिग्री सेल्सियस तक गिर जाने के कारण हार्ड कपा देने वाली ठंड से सभी लोग बेहाल है इसके बावजूद भी ठंड से निपटने के लिए परतावल में प्रशासनिक व्यवस्था सुन हैं लोग प्रशासन से आस लगाए बैठे हैं लेकिन परतावल बाजार के युवको ने राहगीरों एवं व्यवसायियों के लिए पिपराईच मार्ग पर अलाव की व्यवस्था की है इस सराहनीय कार्य से परतावल बाजार के दुकानदारों ने काफी प्रशंसा कीऔर नौजवानों ने प्रशासन को भीषण ठंड में अलावल और जलाने पर सौतेला व्यवहार करने की आरोप भी लगाए उल्लेखनीय है कि इस ठंड में जनजीवन के साथ पशु पक्षी बेहाल है इसके बावजूद ठंड के प्रकोप से बचने के लिए सरकारी व्यवस्था सिर्फ साहब के लिए बनी हुई है साहब लोगों की व्यवस्था है कागजों तक सीमित हो जाती है आम आदमी के अलावा भी दूर हो गया वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रमुख मार्केट होने के नाते रोजआना जाना परतावल चौक परतावल बाजार में प्रतिदिन आना पड़ता है इन प्रमुख स्थानों पर सरकारी कई विभाग होने के बाद भी विभागों के सामने भी अलाव की व्यवस्था नहीं है इतना ही नहीं 30 शैया का बना महिला प्रसूति भव्य अस्पताल जहां पर रोजाना प्रसव होता है और महिला मरीज के तीमारदार इस भीषण ठंड में अस्पताल में रात गुजारते हैं परंतु उनके लिए भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है जब मरीजों के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं है तो बुजुर्गों एवं जरूरतमंदों सहित सड़क के किनारे रहने वाले लोगों की क्या व्यवस्था होगी कुछ स्थानों पर काल्पनिक आवास बनाकर अपनी जीव का पालन करने वाले इंसान इस ठंडक के प्रकोप से किस तरीके से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं प्रकृति का ही करिश्मा है किसी तरीके से व्यक्तिगत व्यवस्था करके अलाव की व्यवस्था झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग कर रहे हैं लेकिन प्रशासन की उदासीनता चरम सीमा पर है प्रशासन दिन प्रतिदिन उदासीन का प्रतीक बनता जा रहा है
अलाव जलाने वाले समाजसेवी अभिषेक गुप्ता, रंजीत शर्मा, विशाल विश्वकर्मा ,चन्दन प्रजापति, आदि तमाम समाजसेवी मौजूद रहे।
स्मरण रहे कि व्यवसायियों के अंदर कपड़े व्यवसाय को लेकर इस वर्ष दिसंबर 2019 के अंतिम चरण में खुशी देखने को मिली परंतु जनजीवन प्रकृति के कहर से पूर्णता प्रभावित हो गया है शुक्रिया है कि उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा सभी शिक्षण संस्थानों को अवकाश घोषित कर दिया गया है नहीं तो छात्र-छात्राओं एवं बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता वही शिक्षकों को अवकाश की छुट्टी न मिलने पर इस भीषण ठंड में कायाकल्प योजना के तहत कार्यालयों में कार्य करने पर कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

