आर. पी.पी.न्यूज़
ब्यूरो चीफ महराजगंज
इस वर्ष सूर्यदेव 15 जनवरी को 02:08 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे इस समय शोभन योग चल रहा होगा तथा सूर्योदय के समय सर्वार्थ सिद्धि योग, कुमार योग, रवि योग, जैसे चार महायोग जो 160 साल बाद आ रहे हैं चतुर महा शुभ योग बना रहे हैं।
*क्या करें इस मकर संक्रांति पर* संस्कृति तथा संस्कार तीनों का मिलन देता है दैहिक दैविक भौतिक संताप से मुक्ति के योग व मन बुद्धि चेतना को भी शुद्ध करने का हम पाते हैं बड़ा अवसर !
इस माघ माह के देवता भगवान विष्णु होने से पवित्र जल में स्नान ध्यान दान पुण्य करने से चमकता है हमारा भाग्य इसे सौभाग्य काल में उगते सूर्य को अर्घ देना साक्षात भगवान की प्रसन्नता पाना होता है भगवान विष्णु के रोम छिद्रों से उत्पन्न काले तिलों का मकर संक्रांति में होता है सबसे बड़ा महत्व निम्न 6 कर्म तिल से प्रयोग करने पर होता है।समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा ओं का नाश , समस्त दोषों का शमन करने के लिए करें तिल का उबटन ,तिल डालकर स्नान, तिल का हवन ,तिल डालकर जल, तिल का भोजन, व तिल का दान ,महान गुरु गोरक्षनाथ ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मकर संक्रांति के दिन प्रारंभ की खिचड़ी जो विभिन्न दालों सब्जियों व चावल से बना सात्विक आहार होता है इसीलिए पूर्वी उत्तर प्रदेश व आसपास में मकर संक्रांति को खिचड़ी नाम से भी जाना जाता है दालों में अरहर, उड़द, मूंग ,चना, हरे मटर ,आदि की बनी खिचड़ी अत्यंत शुभदायी होती है तथा कंबल का दान सोने का दान सबसे अधिक फलदाई हैं
माघ मास का दूसरा प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी, बुधवार को श्रद्धा, उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसी दिन लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल संगम में पुण्य की कामना के साथ डुबकी लगाएंगे। संगम स्नान के बाद तिल, खिचड़ी, अन्न, द्रव्य आदि दान करेंगे। दान के साथ भगवान भाष्कर का पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। *ज्योतिषाचार्य लोकनाथ तिवारी* ने बताया कि बुधवार को सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी दिन उत्सवधर्मिता का प्रतीक खिचड़ी पर्व परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश के साथ खरमास खत्म हो जाएगा। मकर संक्रांति पर शोभन योग का विशेष संयोग फलदायी रहेगा।

