RPP न्यूज़ पोर्टल : नई दिल्ली :(डिजिटल ब्यूरो )

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति के रूप में वेंकैया नायडू का एक साल पूरा होने पर उनकी
किताब का विमोचन किया। पीएम मोदी अपने संबोधन में वेंकैया नायडू के व्यक्तित्व की प्रशंसा कर रहे थे, साथ ही संगठन में उनके साथ रहे अपने अनुभव साझा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बताया कि नायडू जी के जीवन में अनुशासन बेहद अहम रहा है। इसके बाद मोदी ने कहा कि आजकल देश में ऐसे हालात हैं कि अगर कोई अनुशासित हो तो उसे निरंकुश कह दिया जाता है।
इस मौके पर पीएम मोदी ने वेंकैया नायडू के साथ बिताए दिनों की याद को वहां मौजूद लोगो से साझा किया। मोदी ने कहा कि अटल जी वेंकैया नायडू जी को मंत्रालय देना चाहते थे। तब नायडू जी ने कहा 'मैं ग्रामीण विकास मंत्री बनना चाहता हूं।' मोदी ने आगे कहा कि नायडू दिल से किसान हैं। उन्होंने किसानों की भलाई और कृषि के लिए खुद को समर्पित किया।
पीएम मोदी ने यह भी कहा 'वेंकैया जी ने टीम के साथ काम करना सिखाया, वो पदभार से ज्यादा कार्यभार पर जोर देते है। वेंकैया जी के बारे में सुनकर हमें काफी गर्व होता है, वह अनुशासन का पालन करने वाले हैं। वह कभी घड़ी, कलम और पैसे नहीं रखते हैं। घड़ी न रखने पर भी वेंकैया जी हर कार्यक्रम में समय पर पहुंचते हैं।
इस बिच बीजेपी के तमाम मंत्री भी उपस्थित रहे |
शायराना अंदाज में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह :- पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वेंकैया नायडू की तारीफ में कसीदें पढ़े। मनमोहन ने कहा कि वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति, राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के दफ्तर में काम किया है। यह उनके एक साल के अनुभव में काफी हद तक दिखता है। लेकिन उनका बेस्ट अभी आना बाकी है। मनमोहन ने शायराना अंदाज में कहा कि जैसे एक कवि ने कहा है कि सितारों के आगे जहां और भी है, अभी इश्क के इम्तिहान और भी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति के रूप में वेंकैया नायडू का एक साल पूरा होने पर उनकी
किताब का विमोचन किया। पीएम मोदी अपने संबोधन में वेंकैया नायडू के व्यक्तित्व की प्रशंसा कर रहे थे, साथ ही संगठन में उनके साथ रहे अपने अनुभव साझा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बताया कि नायडू जी के जीवन में अनुशासन बेहद अहम रहा है। इसके बाद मोदी ने कहा कि आजकल देश में ऐसे हालात हैं कि अगर कोई अनुशासित हो तो उसे निरंकुश कह दिया जाता है।
इस मौके पर पीएम मोदी ने वेंकैया नायडू के साथ बिताए दिनों की याद को वहां मौजूद लोगो से साझा किया। मोदी ने कहा कि अटल जी वेंकैया नायडू जी को मंत्रालय देना चाहते थे। तब नायडू जी ने कहा 'मैं ग्रामीण विकास मंत्री बनना चाहता हूं।' मोदी ने आगे कहा कि नायडू दिल से किसान हैं। उन्होंने किसानों की भलाई और कृषि के लिए खुद को समर्पित किया।
पीएम मोदी ने यह भी कहा 'वेंकैया जी ने टीम के साथ काम करना सिखाया, वो पदभार से ज्यादा कार्यभार पर जोर देते है। वेंकैया जी के बारे में सुनकर हमें काफी गर्व होता है, वह अनुशासन का पालन करने वाले हैं। वह कभी घड़ी, कलम और पैसे नहीं रखते हैं। घड़ी न रखने पर भी वेंकैया जी हर कार्यक्रम में समय पर पहुंचते हैं।
इस बिच बीजेपी के तमाम मंत्री भी उपस्थित रहे |
शायराना अंदाज में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह :- पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वेंकैया नायडू की तारीफ में कसीदें पढ़े। मनमोहन ने कहा कि वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति, राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के दफ्तर में काम किया है। यह उनके एक साल के अनुभव में काफी हद तक दिखता है। लेकिन उनका बेस्ट अभी आना बाकी है। मनमोहन ने शायराना अंदाज में कहा कि जैसे एक कवि ने कहा है कि सितारों के आगे जहां और भी है, अभी इश्क के इम्तिहान और भी हैं।
