RPP NEWS PORTAL: (बलिया संवाददाता) उत्तर प्रदेश के बलिया जिला से रूह कपा देने वाली तस्वीर प्रकाश में आया आज एक बार फिर इंसानियत सर्मसार हुआ है आप को बताते चले कि उत्तर प्रदेश के बलिया में रोडवेज डिपो परिसर में एक वृद्ध का शव पूरी रात पड़ा रहा लेकिन उसको वहां से हटाने वाला कोई नहीं था। लोग आते जाते रहे और नजरअंदाज करते रहे। उसकी सुध न किसी रोडवेज कर्मचारी ने ली और न ही पुलिस ने। जिस स्थान पर घटना घटित हुई है वहीं पास में पुलिस की पिकेट भी है। घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा जोरों पर है | कहा जा रहा है कि आम पब्लिक तो वैसे ही पुलिस के झमेले की वजह से बचना चाहती है, लेकिन

रात भर थाने की गाड़ी सहित यूपी 100 पुलिस भी गस्ती करती है क्या इनको भी इस भुजुर्ग की शव दिखाई नही दिया, भी ऐसा नहीं है कि वृद्ध का शव किसी कोने में पड़ा था, वह तो सड़क किनारे पड़ा था बावजूद इसके किसी ने कोई पहल नहीं की। क्या हम इतने निर्दयी बनते जा रहे है और प्रशासन लापरवाह होते जा रही है कि हमें स्वार्थ के आगे इंसानियत दिखाई नही दे रही है ? वो तो धन्य है वह व्यक्ति जिसने सोमवार की सुबह को रास्ते से जाते हुए उसकी शव पर नजर पड़ी तो उसने पुलिस को सूचित किया। तब जा कर प्रशासन की नींद खुली और घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली मौके पर पहुंचे उन्होंने कहा कि शव को देखने से प्रतीत होता है कि वृद्ध का किसी वाहन की टक्कर होने से मौत हुई है। मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। शव को कब्जे में रखा गया है और हादसे की वजह के संबंध में जानकारी ली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात किसी रोडवेज बस की चपेट में आने से ही बस स्टैंड परिसर में वृद्ध की मौत हुई है। शव रातभर पड़ा रहा जिसकी सुध किसी कर्मचारी ने नहीं ली। इतना ही नहीं रोडवेज की बसों का परिचालन रातभर और सुबह भी जारी रहा। जिस स्थान पर घटना घटित हुई है वहीं पास में पुलिस की पिकेट भी है। बावजूद शव की जानकारी उसे नहीं हुई। जिले का दशकों पुराना रोडवेज डिपो जहां नियमित रूप से 50 से अधिक बसों का संचालन होता है। वहां सुविधाओं का घोर अभाव है। डिपो परिसर में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है।
