
आज देश के किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहें है हर बार किसानो पर राजनीती करने वाली सरकार अब चुप है | किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के
लिए यूपी से दिल्ली में जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया, इसके
बावजूद हजारों किसान बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली में घुस गए हैं। हालांकि
पुलिस इन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोलों का
इस्तेमाल कर रही है। इसके चलतें दर्जनभर किसान घायल हो गए। इधर राजनाथ सिंह
ने नरेश टिकैट से फोन पर बात की और उनसे शान्ति बनाएं रखने की अपील की
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जब एक पत्रकार ने किसानों की पदयात्रा के
बारे में पूछा तो वो बोले कि आखिर क्यों किसानों को दिल्ली में नहीं घुसने
दिया जा रहा? उन्हें दिल्ली में घुसने दिया जाना चाहिए। यह गलत बात है। हम
किसानों के साथ हैं।
वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला भी किसानों के पक्ष में उतर आए हैं।
उन्होंने कहा, महात्मा गांधी की जयंती पर मोदी सरकार ने दिखा दिया है कि ये
सरकार आजादी से पहले वाली ब्रिटिश सरकार से किसी मामले में कम नहीं है। उस
वक्त अंग्रेज सरकार किसानों का उत्पीड़न करती थी वहीं आज मोदी सरकार
किसानों पर आंसू गैस के गोले दाग रही है।
किसानों को आरएलडी के अध्यक्ष अजित सिंह का समर्थन मिला है। गौरतलब है कि
किसानों ने शर्त रखी है कि सरकार के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र
सिंह बात करने के लिए मंगलवार को किसान घाट आएं। उन्होंने दिल्ली में घुसने
पर रोक और धारा 144 हटाने की भी शर्त रखी। लखनऊ से हेलिकॉप्टर के द्वारा 2
आईएएस किसानों से मिलने के लिए रवाना हो चुके हैं। वे हेलिकॉप्टर से
गाजियाबाद आ रहे हैं। इस दौरान ये भी सूचना मिल रही है कि किसानों की
मुलाकात दोपहर 12 बजे गृहमंत्री से भी होगी।
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| घायल किसान |
इस समय किसान साहिबाबाद से होकर वैशाली के रास्ते कौशाम्बी से आनंद बिहार
जाने वाले रास्ते से आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के साथ महिला किसानों ने भी
अपनी कमर कस ली है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसानों को यूपी
गेट से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। मौके पर आरएएफ और भारी पुलिस बल तैनात कर
दिया गया है। बार्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। किसानों को
गिरफ्तार करने के लिए बसों का भी इंतजाम किया गया है।
पूर्वी दिल्ली में धारा 144 लागू, मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाने से बचें
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| किसान रैली |
बता दें कि करीब 50
हजार किसान गाजियाबाद के हिंडन घाट पर डेरा डाले हुए हैं। भारतीय किसान
यूनियन के प्रतिनिधि की सोमवार देर शाम केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से
मुलाकात होनी थी, लेकिन नहीं हुई। इसके बाद गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर
केंद्र के प्रतिनिधि के तौर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात
कराई गई, लेकिन एक घंटे तक चली बातचीत बेनतीजा रही।। देर रात 12.30 बजे
प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आवास
पर पहुंचा, रात 2 बजे तक वहां भी कोई सहमति नहीं बनी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की और
हरिद्वार जाने वाले लोगों से मेरठ एक्सप्रेसवे, गाजीपुर बार्डर न जाने की
अपील की है। लोग गाजीपुर चौक, रोड नंबर-56, आनंद विहार, अप्सरा बार्डर,
जीटी रोड, मोहन नगर होकर गाजियाबाद जा सकते हैं। यात्रा में कई राज्यों के
किसान शामिल हैं। इनकी स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू करने,
आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों का पुनर्वास समेत कई मांगें हैं।
हरिद्वार से दिल्ली के किसान घाट आ रही किसान क्रांति पदयात्रा को देखते
हुए पूर्वी दिल्ली व उत्तर-पूर्वी दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है।
एक जगह पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर कानूनी कार्रवाई की
जाएगी। हरियाणा व यूपी से दिल्ली आने वाले बॉर्डरों को सील कर दिया गया है।
पदयात्रा में आने वाले किसानों पर नजर रखने के लिए बॉर्डरों पर भारी
संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी नजर
रखे हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने किसान क्रांति पदयात्रा को दिल्ली में
प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)
के अध्यक्ष राकेश टिकैत हरिद्वार से किसान घाट तक किसान क्रांति पदयात्रा
आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने गाजियाबाद, प्रीत विहार, गीता कॉलोनी फ्लाईओवर
होते हुए दो अक्टूबर को दिल्ली में प्रवेश करने की घोषणा की है। भारी
संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य वाहनों से दिल्ली की तरफ आ रहे
हैं। भारी संख्या में किसानों के दिल्ली आने से कानून एवं व्यवस्था की हालत
खराब होने के साथ ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा सकती है। इसे देखते हुए पूर्वी
जिला व उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार शाम धारा 144 लागू कर दी गई। एक जगह
पर पांच या उससे अधिक लोगों के मुख्य रोड व चौराहों पर एकत्रित होने पर
प्रतिबंध रहेगा।
किसी भी तरह की पंचायत, धरने और आम लोगों के जीवन को खतरे में डालने वाली
गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा। हथियार (लाइसेंस वाले हथियार), तलवार, चाकू,
लाठी-डंडा आदि रखने पर भी प्रतिबंध रहेगा। ट्रैक्टर-ट्रॉली व खेती से
संबंधित उपकरणों के दिल्ली में लाने पर प्रतिबंध रहेगा। दिल्ली पुलिस
अधिकारियों के अनुसार बॉर्डरों को सील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस को ये
भी सूचना मिली है कि हरियाणा से भी काफी किसान पदयात्रा में शामिल होने के
लिए दिल्ली आ सकते हैं। इसे देखते हुए दिल्ली व हरियाणा बॉर्डरों को भी सील
कर दिया गया है।
यहां रहेंगे जाम के हालात
दिल्ली ट्रैफिक
पुलिस के अनुसार, गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में किसानों के एकत्रित
होने की वजह से गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार
जाने वाले लोग मेरठ एक्सप्रेसवे, गाजीपुर बॉर्डर की तरफ जाने से बचें। लोग
गाजीपुर चौक, रोड नंबर-56, आनंद विहार, अप्सरा बॉर्डर, जीटी रोड, मोहन नगर
होकर गाजियाबाद जा सकते हैं। इसके अलावा आईएसबीटी कश्मीरी गेट, जीटी रोड,
शाहदरा, दिलशाद गार्डन और मोहन नगर होकर गाजियाबाद जा सकते हैं। डीएनडी
फ्लाईओवर, नोएडा लिंक रोड, महामाया फ्लाईओवर, नोएडा होकर जा सकते हैं।
फरीदाबाद से आने वाले वाहन मथुरा रोड, रोड नंबर-13, कालिंदी कुंज व महामाया
फ्लाईओवर होकर जा सकते हैं। बॉर्डर इलाकों में जाने से बचें।
किसान पदयात्रा से चरमराई है शहर की यातायात व्यवस्था
हरिद्वार से दिल्ली के लिए निकली किसान क्रांति पदयात्रा का असर नोएडा की
सड़कों पर भी दिखाई दिया। किसानों के जत्थे सोमवार शाम एनएच-24 के रास्ते
दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचने शुरू हो गए। इसके चलते एनएच-24 पर शाम पांच से
रात 9 बजे तक जाम की स्थिति बन गई। गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाले लोगों ने
जाम से बचने के लिए नोएडा का विकल्प आजमाया। नोएडा की सड़कों पर भी वाहनों
का दबाव बढ़ने से देर शाम तक जाम जैसे हालात रहे।