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महराजगंज। उत्तर प्रदेश आशा एवं आशा संगिनी संघ जिला कमेटी की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया गया। पांच सूत्री मांगों को पूरा नहीं होने पर संगठन के पदाधिकारियों ने धरना में अपने गुस्से को जाहिर किया। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए सही से पहल नही किया जा रहा है। इस महंगाई के दौर में कम मानदेय पर परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
संगठन जिलाध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि आशा कार्यकर्ता को 18 हजार और आशा संगिनी को 23 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जाए। ईपीएफ पेंशन आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। अनुभवी आशा कार्यकर्ता को टीकाकरण का प्रशिक्षण दिलाया जाए। कार्य के दौरान यात्रा करने पर भत्ता और उम्र की सीमा को हटाते हुए योग्यता के अनुरूप आशा कार्यकर्ता को एएनएम एवं आशा संगिनी के पद पर पदोन्नति करने की भी मांग की गई। सिंधु यादव ने कहा कि सरकार की ओर से संचालित स्वास्थ्य योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में आशा एवं आशा संगिनी का अहम योगदान है, लेकिन हमारी समस्याओं के समाधान को लेकर विभाग गंभीर नहीं है। भारत सरकार ने प्रोत्साहन राशि को बढ़कार 1000 से 2000 रुपये कर दिया है। इससे कुछ भला नहीं होने वाला है। इस दौरान रिंगू यादव, पुष्पा सिंह, सुप्रिया मिश्रा, नीरा देवी, सरस्वती देवी, अंजलि पांडेय, किरन शुक्ला, सुनीता पांडेय, रानी पटेल, रेनू राजभर, नीलम आदि मौजूद रहीं।
