आर.पी.पी न्यूज़ पोर्टल :(डेस्क हेल्थ ) 24 अक्टूबर को दुनियाभर में वर्ल्ड पोलियो डे मनाया जा रहा है। पोलियो या 'पोलियोमेलाइटिस' एक ऐसा संक्रामक रोग है जो ज्यादातर बच्चों के बीच पाया जाता है। इस रोग से पीड़ित बच्चे जीवनभर के लिए अपंग हो जाते हैं। वैसे तो इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है लेकिन सही समय में टीकाकरण करवाकर इस रोग से बचा जा सकता है। वैसे तो कई बार अपने बच्चे की सुरक्षा और पोलियो को लेकर आपके मन में कई ऐसे सवाल आए होंगे जिनका जवाब आप शायद आज भी ढूंढ ही रहे होंगे। अगर आपके मन में भी पोलियो से जुड़े ऐसे ही कुछ अहम सवाल हैं तो उनके जवाब यहां जान लें।
क्या पोलियो ड्रॉप पिलाने से बच्चा पूरी तरह से पोलियो के संक्रमण से सुरक्षित हो जाता है?
बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए (ओपीवी) ओरल पोलियो वैक्सीन दिया जाता है। इस दवा के बाद बच्चा पूरी तरह से पोलियो से सुरक्षित हो जाता है। इस दवा को लेकर कई लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं। जिन्हें दूर करने की जरूरत है।
बच्चे का दस्त या उल्टी में पोलियो ड्राप पिलानी चाहिए?
बच्चे को हर स्थिति में पोलियो ड्राप पिलाई जा सकती है।कई लोग ऐसा मानते हैं कि अगर बच्चा बीमार है, तो उसे दवा नहीं पिलानी चाहिए। जबकि वास्तविकता यह है कि इस बात का पोलियो की दवा से कोई लेना-देना है।
नवजात शिशु को पोलियो ड्राप पिलानी चाहिए या नहीं?
नवजात शिशु के लिए भी पोलियो की खुराक उतनी ही जरूरी है, जितनी कुछ महीने या कुछ साल के बच्चे के लिए। नवजात को पोलियो की दवा पिलाने का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। यह दवा उसे लग रहे इंजेक्शन से अलग होती है और हर परिस्थिति में उसे दी जानी चाहिए।
