आर पी पी न्यूज़ पोर्टल महराजगंज :डिजिटल ब्यूरो :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में देश की पहली कंटेनर कार्गो सेवा की शुरुआत रामनगर बंदरगाह से की। यह बंदरगाह गंगा नदी पर हल्दिया-वाराणसी जलपरिवहन सेवा के तहत बनाया गया है। करीब 36 साल बाद देश की पहली जलपरिवहन परियोजना मूर्त रूप लिया। 1620 किलोमीटर लंबे वाराणसी-हल्दिया इनलैंड वाटर हाइवे का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। इनलैंड वाटरवेज अथारिटी के अधिकारियों की माने तो इस परियोजना से पांच राज्यों की व्यावसायिक गतिविधियों में न केवल तेजी आएगी बल्कि एक साथ पांच सौ से दो हजार टन मॉल की ढुलाई का काम जलपरिवहन के जरिए हो सकेगा। वाहनों के चलते ध्वनि व वायु प्रदूषण में कमी आएगी और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
वर्ष 1982 में जल परिवहन मंत्रालय ने योजना पर काम शुरू किया था। मगर यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। वर्ष 2014 में नये सिरे से इस पर काम शुरू हुआ और चार साल के बाद देश में पहली बार कंटेनर कार्गो शुरू होने जा रही है। इस परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने विश्वबैंक से करीब 5700 करोड़ रुपये की मदद ली गई है। योजना के पहले चरण में बनारस, साहेबगंज समेत पांच स्थानों पर बंदरगाह बनाने का काम चल रहा है। इनलैंड वाटर अथारिटी के वाइस चेयरमैन प्रवीर पांडेय के मुताबिक पहले चरण की योजना का काम लगभग पूरा हो चुका है। आने वाले दिनों में 1500 से दो हजार टन के कंटेनर कार्गों का संचालन होगा। देश में पहली बार किसी नदी में शुरू हो रहे कंटेनर कार्गो सेवा का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रामनगर में किये । यहां 201 करोड़ की लागत से मल्टी मॉडल टर्मिनल तैयार किया गया है। इस सेवा के शुभारंभ के लिए रिकार्ड 10 दिन के समय में कोलकाता से 1318 किमी की दूरी तय कर माल वाहक जहाज (कंटेनर कार्गो) शुक्रवार शाम मालवीय पुल के पास खिड़किया घाट पहुंच गया।
कोलकाता से आरएन टैगोर पोत 16 कंटेनर के साथ वाराणसी पहुंचा और खिड़किया घाट पर लंगर डाला। राष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन प्रवीण कुमार के मुताबिक गंगा परिवहन के जरिये कारोबार और पर्यटन के नये युग की शुरुआत होगी। यह जलमार्ग अंतरदेशीय न होकर अंतरराष्ट्रीय कारोबार की ओर बढ़ेगा। कोलकाता से कंटेनर कारगो एक निजी मल्टीनेशनल कंपनी का उत्पाद लेकर वाराणसी पहुंचा है। आज टर्मिनल के शुभारंभ के दिन प्रधानमंत्री कंटेनर कारगो का स्वागत करेंगे। यहां से यह जहाज उर्वरक लेकर कोलकाता जायेगा। इसमें लदे कंटेनरों में प्रत्येक की क्षमता छह सौ टन है।
रामनगर के राल्हूपुर में शुक्रवार देर शाम भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के वाइस चैयरमैन प्रवीण कुमार पहुंचे। बंदरगाह पर इधर-उधर बिखरे सामानों को एकत्रित कर पूर्वी छोर पर रखने को कहा। कार्यक्रम के मद्देनजर बनने वाले मंच के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ रूपरेखा खींची।

