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| चार वर्षीय मासूम सरफराज |
यह मामला था निचलौल थाना क्षेत्र का जहां बारावफात के दिन निकले जुलूस में विवाद हो गया था. विवाद के बाद मिठौरा चौकी पुलिस ने जगदौर गांव के चार वर्षीय सरफराज समेत 22 अन्य लोगों को 107/16 में पाबन्दी कर निचलौल थाने में रिपोर्ट भेज दिया गया तो वहीँ निचलौल प्रभारी द्वारा इस रिपोर्ट को 22 नवम्बर को एसडीएम को भेज दिया. इसके बाद उप जिलाधिकारी ने चार वर्षीय सरफराज को नोटिस भेज दिया. सरफराज के नाम से नोटिस आने के बाद परिवार और गांव के लोग दंग रह गए,पुलिस और एसडीएम कि लापरवाही के बाद चार वर्षीय सरफराज जब अपने मां के साथ जमानत के लिए कोर्ट में पहुंचा तो वही रोने लगा, बच्चे को रोते हुए देख वहाँ पर मौजूद कुछ लोग बच्चे को मिठाई खिलाकर संभाला | कुछ समय के लिए चार वर्षीय मासूम को कोर्ट में देखकर एसडीएम के माथे पर पर पसीने तो आ गए लेकिन कुछ गलती का एहसास हुआ या नही पता नही, आप को बता दें कि बीते दिनों में पुलिस और एसडीयम साहब ने कईयों का शान्ति भंग में चालान किया है जिसमे महराजगंज जिले के सिंहपुर गाँव के भरतलाल भी है भरतलाल कहता है कि जब फर्जी तरीके से रास्ते की जमीन पट्टा कराने वालों के खिलाफ हमने आवाज उठाई तो पनियारा पुलिस ने एसडीएम साहब के कहने पर एक तरफ़ा कार्यावाही करते हुए हमारे ऊपर भी शान्ति भंग का धारा लगा कर चालान कर जेल भेज दी, यह मामला बीते 2 दिनों का है | लेकिन सरफराज मामले में आक्रोशित ग्रामीणों ने सीओ निचलौल को ज्ञापन सौंपकर उप निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.| सवाल ये उठता है कि आखिर कानून के रखवालों का ऐसा कारनामा कब थमे गा ?
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