आर पी पी न्यूज़ : वरिष्ठ सावंददाता रिज़वानुल्लाह खान -महराजगंज,परतावल क्षेत्र में स्थित मदरसों में आज गणतंत्र दिवस धूम धाम से मनाया गया इस अवसर पर झंडा रोहण के बाद ,राष्ट्रगान जन गण मन,प्रस्तुत किया गया,बच्चो ने मनमोहक प्रोग्राम प्रस्तुत किये।
बैजौली में स्थित मदरसा अहले सुन्नत मिफ्ताहुल क़ुरआन में प्रातः 10 बजे प्रबन्धक मुहम्मद इज़हार खान,हाजी शौकत अली,मु,इब्राहिम खान पूर्व प्रधान समेत अन्य गणमान्य लोगों ने झंडा रोहण किया ,राष्ट्रगान के बाद छात्र छात्राओं ने नज़्म नात गीत और तक़रीर प्रस्तुत किये,प्रधानाचार्य, मौलाना अब्दुल मुस्तफा खान मिस्बाही,मौलाना नदीम मिस्बाही ने आज़ादी के मतवालों पर प्रकाश डालते हुए अपने देश की इज़्ज़त के लिए हर क़ुरबानी देने का आह्वान किया,
तरकुलवा भटगावां में स्थित मदरसा रियाजुल उलूम अल,सल्फ़िया में प्रबन्धक बरकत अली खान ने झंडा फहराया ,राष्ट्रगान के बाद बच्चों ने प्रोग्राम प्रस्तुत किये।
प्रधानाचार्य मौलाना शहाबुद्दीन फ़ैज़ी ने अपनी तक़रीर में बताया कि 1947 में हमें आज़ादी तो मिल गयी थी परन्तु देश को चलाने के लिए एक कानून की आवश्यकता थी जो 26 जनवरी 1950 को बन कर देश को उपहार स्वरूप मिला इस दिन हमारा देश एक गणतंत्र राष्ट्र बन गया ,संविधान बनने के बाद सब को अपने तौर से जीने की आज़ादी मिली,
इस अवसर पर समस्त अध्यापक व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे,
बैजौली में स्थित मदरसा अहले सुन्नत मिफ्ताहुल क़ुरआन में प्रातः 10 बजे प्रबन्धक मुहम्मद इज़हार खान,हाजी शौकत अली,मु,इब्राहिम खान पूर्व प्रधान समेत अन्य गणमान्य लोगों ने झंडा रोहण किया ,राष्ट्रगान के बाद छात्र छात्राओं ने नज़्म नात गीत और तक़रीर प्रस्तुत किये,प्रधानाचार्य, मौलाना अब्दुल मुस्तफा खान मिस्बाही,मौलाना नदीम मिस्बाही ने आज़ादी के मतवालों पर प्रकाश डालते हुए अपने देश की इज़्ज़त के लिए हर क़ुरबानी देने का आह्वान किया,
तरकुलवा भटगावां में स्थित मदरसा रियाजुल उलूम अल,सल्फ़िया में प्रबन्धक बरकत अली खान ने झंडा फहराया ,राष्ट्रगान के बाद बच्चों ने प्रोग्राम प्रस्तुत किये।
प्रधानाचार्य मौलाना शहाबुद्दीन फ़ैज़ी ने अपनी तक़रीर में बताया कि 1947 में हमें आज़ादी तो मिल गयी थी परन्तु देश को चलाने के लिए एक कानून की आवश्यकता थी जो 26 जनवरी 1950 को बन कर देश को उपहार स्वरूप मिला इस दिन हमारा देश एक गणतंत्र राष्ट्र बन गया ,संविधान बनने के बाद सब को अपने तौर से जीने की आज़ादी मिली,
इस अवसर पर समस्त अध्यापक व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे,


