आर पी पी न्यूज़ : वरिष्ठ सवांददाता रिज़वानुल्लाह खान -महराजगंज उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना बजट प्रस्तुत किया है जहाँ तमाम विभागों का बजट जारी हुआ है वहीं अल्पसंख्यक कल्याण का भी बजट बनाया गया है ,अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को मदरसों में आधुनिक विषय पढ़ाने वाले विज्ञान अध्यापक इस बजट से काफी निराश है उन्हें 36 महीना से मानदेय के नाम पर फूटी कौड़ी भी नही मिली जिस के चलते बहुत सारे अध्यापक भीख मांगने तथा रिक्शा चलाकर बच्चो का पेट पालने को बेबस हैं ।मानदेय भुगतान की मांग लेकर मदरसों के आधुनिक अध्यापक 1 महीना से लखनऊ में इको गार्डन में धरना पर बैठे हैं ।उन्हें आशा थी कि इस बजट में उन के साथ न्याय होगा और बकाया मानदेय भुगतान होजायेगा परन्तु निराशा ही हाथ लगी क्यों कि
बजट सत्र 18-19 के 440 करोड़ के मुकाबले 19-20 सत्र में मदरसों को आधुनिकीकरण करने के लिए इस बार 19 करोड़ की बढ़ोतरी के साथ *459 करोड़* ₹ इस बजट में प्रस्तावित है , परन्तु विडम्बना यह है कि सत्र 18-19 में शाय़द ही मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए कोई बजट जारी किया गया हो,उन्हें उस वर्ष में कोई भुगतान ही नही मिला। मदरसों में NCERT का सिलेबस पढ़ाने का नारा तो दिया जाता है पर अभी तक 500 एडेड मदरसों को ही किताब उपलब्ध नहीं हो सकी है
अफ़सोस कि बात यह है कि *केन्द्र पुरोनिर्धारित मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की SPQEM* योजना से जुड़े लगभग *8000 मदरसों* को उत्तर प्रदेश सरकार के सौतेले व्यवहार की वजह से शिक्षकों को करीब 12000 मदरसा शिक्षक को 34 माह से और 8000 मदरसा शिक्षकों को 58 माह से मानदेय नहीं मिला है....
प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाने वाला अंशदान भी विगत 9 माह से बाकी है...
पिछले 31 दिनों से ईको गार्डन धरना स्थल आलमबाग लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा है पर शासन प्रशासन की तरफ से कोई भी धरना स्थल नहीं पहुंचा
केंद्र सरकार ने SPQEM योजना में 100% फंडिंग रोककर 60-40% का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को 26 सितंबर 2018 को भेजा जिस पर अभी तक कोई काम न होने की वजह से सारा बकाया मानदेय लेप्स होने की कगार पर है
*सारांश यह है कि मदरसों में आधुनिकीकरण शिक्षा देने वाले शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है*
एक हाथ में कुरान एक हाथ में कम्प्यूटर का नारा बीजेपी सरकार का हवा हवाई ही निकला ।और यदि आधुनिक अध्यापकों के बकाया मानदेय का भुगतान नही हुआ तो मदरसों में जो आधुनिक शिक्षा गणित, विज्ञान ,समाज हिंदी की शिक्षा हो रही है वह दम तोड़ देगी और मदरसों के बच्चे आधुनिक शिक्षा से वंचित हो जाएंगे

