आर पी पी न्यूज़ : गोरखपुर संवाददाता आकाश मद्धेशिया - पीपीगंज में रंगों के त्योहार होली के पावन पर्व पर बाजारों में जबरदस्त रौनक दिखाई दे रही है। वहीं रंगों को लेकर दुकानदार इस बार काफी सजग नजर आ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि केमिकल रंगों को अब लोग नहीं लेते, इस कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। हर्बल रंगों को तरजीह दे रहे हैं। आपको बता दे कि शहर की प्रमुख बाजार में दुकानदारों ने इस बार चाइनीज पिचकारियों से अधिक देशी पिचकारियों को महत्व दिया है। दुकानदारों का कहना है कि करीब दो साल पहले बच्चों को गन, मिकी माउस व स्पाइडर मैन जैसी छोटी पिचकारियां लुभाती थीं। वहीं अब पहले की तरह अब बच्चे परंपरागत बड़ी पिचकारियों की मांग करते हैं। हालांकि कंपनियों इसका स्वरूप बदल दिया है। पुराने फिल्मों में जो पिचकारियों दिखाई जाती थी, फिर से उसी का ट्रेंड लौट आया है। वही दुकानदारों का मानना है कि चाइना की पिचकारियों की लागत कम और डिजाइन अच्छे हैं। लेकिन इस बार देसी पिचकारियां भी कुछ कम नहीं है। रेट भी कम हैं। इस कारण इस बार चाइनीज पर देसी पिचकारियां ही भारी पड़ेंगी। इस बार बाजारों में सजी स्थाई व अस्थाई दुकानें, कैमिकल के स्थान पर हर्बल रंगों के स्टाल अधिक लगे हैं ।

