आर पी पी न्यूज़ -वरिष्ठ सवांददाता रिज्वानुल्लाह खान -महराजगंज,आज अरबी साल के 8वें महीना शहबान की 15 तारीख है,जिसे मुसलमान शबे बरात के नाम से भी जानते हैं,इस रात की बहुत ही फ़ज़ीलत अर्थात बड़ाई है,मुसलमान इस दिन रोज़ा रखते हैं और हलवा आदि बना कर अपने मरहमीन,(स्वर्गवास)लोगो को सवाब पहुंचाने की गरज से फातिहा कराते हैं और फिर पूरी रात जाग कर नमाज़ नफिल,पढ़ते हैं कुरान की तिलावत करते हैं,कब्रस्तान,मस्जिद,ईदगाह,को भब्य प्रकार से सजाते है पूरी रात चहल पहल रहती है,बच्चे बूढ़े जवान सब घरों से निकल के अपने म्रत्यु पूर्वजो की क़ब्रों पर पहुंच कर फातिहा पढ़ते है और उन की मगफिएत की दुआ करते हैं,मान्यता है कि इस रात अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त अपने बन्दों पर खास मेहरबान होता है जो उस की बारगाह में आज़ज़ी के साथ नेक नियति से दुआ मांगता है उस की दुआ क़बूल होती है ,इस रात को गुनाहों से माफी मिलती है ,तमाम लोग इस रात का बेसब्री से इंतज़ार करते है पूरी रात इबादत में मशगूल रहते है ,
एक नन्हे बालक अमन मुर्तज़ा जिन की आयु 12 वर्ष होगी अल्लाह के घर मक्का शरीफ पहुंच कर उमरा कर चुके हैं,इस मुबारक रात शबे बरात पर आर पी पी न्यूज़ से विशेष बात चीत में कहा कि शबे बरात किस्मत वालों की मिलती है यह रात अपने गुनाहों से अल्लाह की बारगाह में तौबा कर ने की रात है अल्लाह हर तौबा करने वालों के गुनाह माफ करता है ,हर मांगने वाले को उस की सोच से अधिक देता है उन्हों ने कहा कि हम सब को चाहिए कि इस रात को ज़्यादा से ज़्यादा नफिल नमाज़ पढ़ें पैगम्बर हज़रत मुहम्मद साहब पर दरूद शरीफ पढ़ें कुरान की तिलावत करें, इस रात को सोने में न गुज़ार दें अल्लाह माफ् करने वाला और बे हिसाब रोज़ी देने वाला है ,

