आर.पी.पी न्यूज़:लखनऊ: उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां अल्पसंख्यक विभाग के अनुदानित मदरसों में अब शिक्षक मौजूदा स्कूल टाइम (सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक) तक में मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हाट्सएप्प आदि) का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। दरअसल शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाई में ध्यान देने की बजाय सोशल साइट (Social Media) पर व्यस्त रहने की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी शिक्षक मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता मिला तो उसके खिलाफ निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कदम
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह आदेश प्रतिबंध बेहतर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी करने की दिशा में उठाया है। सूत्रों के मुताबिक सीएम योगी जल्द ही कोई मोबाइल नंबर जारी करने वाले हैं, जिस पर आम जनता मदरसा स्कूलोऺ से जुड़ी शिकायतों को सीधे उन तक पहुंचा सकेगी। आपको बता दें कि सीएम योगी ने सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों की सुस्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अखित्यार किया है। बीते दो सालों के कार्यकाल में सीएम योगी ने 600 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जबकि अभी 200 और कर्मचारी सरकार की रडार पर हैं। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के
जीस-टी शर्ट पहनने पर रोक भी लगाई है तथा राज्य सरकार के निर्देशों के मुताबिक मदरसा स्कूलों (Minority welfare Department) मे शिक्षण कार्यों को बेहतर करने के लिहाज से मोबाइल फोन पर सुबह साढे आठ बजे से एक बजे तक फेसबुक, व्हाटस्एप्प, ट्विटर, ई-मेल, गूगल, मैसेंजर आदि के प्रयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यदि ऐसा करते कोई शिक्षक पकड़ा गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं सरकारी अनुदान प्राप्त मदरसों में शिक्षको के जींस और टी शर्ट पहनकर आने पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। भड़कीले पैंट शर्ट भी पहनकर शिक्षक स्कूल नहीं आ सकेंगे। अगर किसी ने इन निर्देशों की अवहेलना की तो उसे भी विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने यह फरमान सुनाते हुए तत्काल पालन करने के निर्देश दिए हैं।
बच्चों के साथ शिक्षकों की सेल्फी
लंबे समय से बिगड़ी मदरसा शिक्षा को सुधारने की दिशा में प्रदेश सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। सरकार की मंशा के अनुसार सभी जिले में तैनात अफसर भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को अलग अलग तरीके अपना रहे हैं। इसी क्रम में जिलों स्कूलों में समय पर शिक्षकों की हाजिरी चेक करने के लिए एक ओर बच्चों के साथ शिक्षकों को सेल्फी अपने ग्रुप पर भेजनी है। जिससे मदरसा में उनकी उपस्थित सुनिश्चित की जा सके।
पूरी तरह से लागू होंगे सरकार के निर्देश
सरकार के इन निर्देशों पर हमने प्रदेश के जिलों में तैनात जिला अधिकारियों से बात की। इटावा के जिलाधिकारी जे बी सिंह का कहना है कि योगी सरकार के सभी निर्देशों का शत प्रतिशत पालन कराया जाएगा। चेकिंग के दौरान शिक्षकों के मोबाइल पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल के साथ परिधान भी चेक किए जाएंगे। मदरसा शिक्षा अधिकारी ये सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी शिक्षक निर्धारित परिधान में ही स्कूल पहुंचें। अगर बड़े अफसर ने शिक्षक को निर्धारित परिधान में नहीं पाया, तो शिक्षक कार्रवाई संभव होगी।
*शिक्षकों की मिली जुली राय*
वहीं प्रदेश सरकार के इस कदम से युवा शिक्षकों के मन में कुछ नाराजगी दिखाई पड़ी, लेकिन शिक्षक नेताओं ने इसकी सराहना की और कहा कि शिक्षक का व्यवहार व परिधान उसको सम्मान दिलाने में सहायक होते हैं। वहीं कुछ युवा शिक्षकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर उन्हें बच्चों को पढ़ाने के लिए कई नए तरीके सीखने को मिलते हैं। अगर सरकार हमें इसका प्रयोग नहीं करने देगी तो हम स्कूलों में नए प्रयोग नहीं कर सकेंगे। क्षय क्योंकि हम वहीं से नई-नई चीजें सीखकर पढ़ाई को और ज्यादा दिलचस्प बनाकर बच्चों को सिखाने की कोशिश करते हैं। जिसमें हमें अब दिकक्त आएगी।

