*आर.पी.पी.न्यूज़*
संवाददाता नूर मोहम्मद :
आज दिनाँक 27 अगस्त को घुघुली क्षेत्र के ग्रामसभा किशुनपुर गबड़ूआ जो महराजगंज जनपद का एकमात्र शहीद ग्राम है । भारतवर्ष को आज़ाद कराने में यहां के लोगों ने अपने प्राणों की कुर्बानी दे दी।एवं एक दर्ज़न से अधिक लोगों को जेल में बंद कर बारह- बारह बेतों की सजा के साथ - साथ एक वर्ष की जेल भी हुई।सन 1942 की क्रांति में प्रो. शिब्बन लाल सक्सेना की अगुवाई में यहाँ के लोग उनके आह्वान पर अपने प्राणों की आहुति देने के लिये हमेशा तैयार रहते थे।प्रो.सक्सेना हमेशा यहाँ के लोगों के बीच आते और देश को स्वतंत्र कराने के लिये अंग्रेजों से मुकाबले को तैयार रहने को कहा करते।जिससे यहाँ के लोगों में देशभक्ति की भावना कूट-कूटकर भर गया।अंग्रेजों के ईशारे पर 27 अगस्त सन 1942 को सुबह में अंग्रेजों ने पूरे गाँव को घेर लिया । इसके बावजूद इस गाँव के लोगों ने अंग्रेजों से डटकर मुकाबला किया अंग्रेजों ने तीन लोगों को गोली मार दी।और तीन दर्जन से अधिक लोगों को जेल में डलवा दिया गया। सन 1994 में मुलायम सिंह के शासनकाल में मा. बेनी प्रसाद वर्मा लोक निर्माण एवं विकास मंत्री द्वारा शहीद स्मारक का शिलान्यास किया गया। उसके बाद आज तक इस शहीद स्मारक के रख- रखाव में किसी भी सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया गया । आज स्मारक अपने जीर्ण अवस्था मे पड़ा हुआ है।

