* आर. पी.पी.न्यूज़ *
संवाददाता नूर मोहम्मद :
राष्ट्रीय राजमार्ग 730 को चौड़ा करने और उसके पुनर्निर्माण के दौरान भारी संख्या में दुकानों और निवासों को ध्वस्त किये जाने के मामले में आज कांग्रेस की लोक सभा 2019 उम्मीदवार सुप्रिया श्रीनेत ने ज़िलाधिकारी श्री अमरनाथ उपाध्याय से मिल कर विस्तार में वार्ता की एवं उपयुक्त विभाग के समक्ष सवाल रख कर स्पष्टीकरण माँगा।
1) NH 730 के चौड़ीकरण के लिए क़ानून के तहत कौन सा आदेश प्राप्त किया गया है?
2) क्या भूमि को अतिक्रमण हटाने के लिए अधिग्रहित किया गया है या एनएचएआई (NHAI) अधिनियम के तहत किया गया है?
3) यदि यह एनएचएआई (NHAI) अधिनियम के तहत किया गया है तो किस प्रकाशन में इस अधिग्रहण के लिए, किस तारीख को अधिसूचना जारी की गयी है?
4) एनएचएआई (NHAI) अधिनियम 3 C में कहा गया है कि लोगों को आपत्तियां उठाने के लिए एक तारीख तय की जाएगी। वह तिथि कब थी और कितनी आपत्तियाँ प्राप्त हुईं?
5) क्या SLAO ने प्रभावित व्यक्तियों के लिए कोई मुआवज़ा निर्धारित किया गया? क्या कोई भी मुआवज़ा राशि विवादित थी, क्या किसी विवाद को मध्यस्था के लिए भेजा गया?
6) क्या सक्षम प्राधिकारी द्वारा 60 दिनों की अवधि का पालन किया गया था, क्या 7 दिनों के भीतर किसी भी मुआवजे का भुगतान किया गया था, क्या कोई मामला सिविल कोर्ट में भेजा जा रहा है अथवा भेजा गया है?
ज़िलाधिकारी ने सुप्रिया श्रीनेत को आश्वासन दिया कि उचित कार्यवाही की जाएगी और अगर कहीं भी किसी के साथ अन्याय हुआ है और मुआवज़े का एक भी मामला बनता है तो उपयुक्त संस्था से दिलाने का प्रयास भी किया जाएगा।
मुलाक़ात के बाद मीडिया से बात करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “लोकहित में बड़े काम होने चाहिए, मैं सिर्फ़ यह जानना चाहती हूँ कि क्या क़ानून और उचित प्रक्रिया का पालन हुआ है. ज़िलाधिकारी जी की बात से मैं आश्वस्त हूँ और किसी भी अन्याय के खिलाफ लोगों की लड़ाई लड़ने को तैयार हूँ।”
ज्ञात रहे NHAI द्वारा NH 730 के चौड़ीकरण के वक़्त बड़े पैमाने पर ज़िला मुख्यालय में आवासीय एवं व्यावसायिक बिल्डिंगों को अतिक्रमण होने के नाते ध्वस्त किया गया जिससे लोगों में नाराज़गी है. सुप्रिया श्रीनेत के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे - तृभुवन मिश्रा, नूर आलम, राम प्यारे प्रसाद, राम प्रसाद गुप्त, अम्बरीश शाही, दीप चंद तिवारी, विनोद सिंह, कपिलदेव शुक्ल, ज्ञानेंदु पटेल।

