*तहसील दिवस के सुनवाईयों को घर बैठे अधिकारियों द्वारा किया जा रहा निस्तारण जिसमें जिम्मेदार मौन*
आर पी पी न्यूज़ : सवांददाता राम आशीष मौर्या-*पनियारा* संपूर्ण समाधान दिवस तहसील का सभी मामले आईजीआरएस पर डाल दिया जाता है और जैसी जिसकी मामला रहता है वैसे विभागीय अधिकारी - कर्मचारी को सौंप दिया जाता है तो वही अधिकारी या कर्मचारी द्वारा उस मामले मामले का बिना जांच किए उस मामले को निस्तारण कर झूठा रिपोर्ट लगा दिया जा रहा है जिसमें जिम्मेदार मौन बैठे हैं और कब तक यह खेल चलता रहेगा जहां जनता अपने पूरे विश्वास के साथ तहसील दिवस पर अपनी समस्या लेकर जाते हैं कि हमें पूरा न्याय मिलेगा मगर अब लोगों को हताश होकर बैठना पड़ रहा है क्योंकि गलत रिपोर्ट लगाकर मामले का निस्तारण कर दिया जा रहा है ।
ऐसे ही मामला विकास खण्ड पनियारा के ग्राम ब्रह्मपुर का है जहां आवेदक राम अशीष द्वारा 3/09/2019 को तहसील दिवस पर शौचालय के नाम पर सफाई कर्मी द्वारा ₹1000 लेने के संदर्भ में आवेदन किया गया और वह जांच सहायक विकास अधिकारी के पास पहुंचा और बिना आवेदक के जानकारी में और बिना जांच किए इस मामले का निस्तारण कर दिया गया और आवेद जब आईजीआरएस पर निस्तारण देख 23/09/2019 को सहयक विकास अधिकारी के पास पहुंचा तो आवेदक के साथ सहायक विकास अधिकारी द्वारा उल्टा सीधा अभद्रता के साथ जवाब दिया गया कि हमारे कर्मचारी के ऊपर शिकायत करोगे तो मैं झूठा ही न रिपोर्ट लगाऊंगा इस व्यवहार को देख आवेदक ब्लॉक अधिकारी को भी अवगत कराया और 24/09/ 2019 को जिला अधिकारी को पत्र सौंपा मगर कोई जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा जांच कर अभी तक सुनवाई नहीं की जा रही अब सवाल यह उठता है कि आम जनता विश्वास करें तो किस पर करें और अब जाए तो कहां जाए।
आर पी पी न्यूज़ : सवांददाता राम आशीष मौर्या-*पनियारा* संपूर्ण समाधान दिवस तहसील का सभी मामले आईजीआरएस पर डाल दिया जाता है और जैसी जिसकी मामला रहता है वैसे विभागीय अधिकारी - कर्मचारी को सौंप दिया जाता है तो वही अधिकारी या कर्मचारी द्वारा उस मामले मामले का बिना जांच किए उस मामले को निस्तारण कर झूठा रिपोर्ट लगा दिया जा रहा है जिसमें जिम्मेदार मौन बैठे हैं और कब तक यह खेल चलता रहेगा जहां जनता अपने पूरे विश्वास के साथ तहसील दिवस पर अपनी समस्या लेकर जाते हैं कि हमें पूरा न्याय मिलेगा मगर अब लोगों को हताश होकर बैठना पड़ रहा है क्योंकि गलत रिपोर्ट लगाकर मामले का निस्तारण कर दिया जा रहा है ।
ऐसे ही मामला विकास खण्ड पनियारा के ग्राम ब्रह्मपुर का है जहां आवेदक राम अशीष द्वारा 3/09/2019 को तहसील दिवस पर शौचालय के नाम पर सफाई कर्मी द्वारा ₹1000 लेने के संदर्भ में आवेदन किया गया और वह जांच सहायक विकास अधिकारी के पास पहुंचा और बिना आवेदक के जानकारी में और बिना जांच किए इस मामले का निस्तारण कर दिया गया और आवेद जब आईजीआरएस पर निस्तारण देख 23/09/2019 को सहयक विकास अधिकारी के पास पहुंचा तो आवेदक के साथ सहायक विकास अधिकारी द्वारा उल्टा सीधा अभद्रता के साथ जवाब दिया गया कि हमारे कर्मचारी के ऊपर शिकायत करोगे तो मैं झूठा ही न रिपोर्ट लगाऊंगा इस व्यवहार को देख आवेदक ब्लॉक अधिकारी को भी अवगत कराया और 24/09/ 2019 को जिला अधिकारी को पत्र सौंपा मगर कोई जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा जांच कर अभी तक सुनवाई नहीं की जा रही अब सवाल यह उठता है कि आम जनता विश्वास करें तो किस पर करें और अब जाए तो कहां जाए।

