* आर. पी.पी.न्यूज़ * ब्यूरो चीफ महराजगंज : फीस अधिक लेने का छात्र ने विरोध किया तो प्राचार्य, अध्यापकों के साथ मिलकर विधिवत पिटाई किया। छात्र के पॉकेट में रखा मोबाइल भी छीन लिया।
जानकारी के अनुसार पिपराइच थाना क्षेत्र के पोखर भिंडा गांव निवासी प्रदुम्न शर्मा उम्र 19 वर्ष बैलों के पास ननासुभवल गांव में स्थित विजय कुमार अरुंधति देवी महाविद्यालय में बी ए तृतीय वर्ष का छात्र है। छात्र का कहना है कि बुधवार को जब फीस जमा करने तथा छात्रवृत्ति का फार्म भरने के लिए प्राचार्य से मिले तो उन्होंने कहा कि पहले पूरे साडे ₹8000 फीस जमा कर दो तो तुम्हारा छात्रवृत्ति का फार्म भरा जाएगा इस पर छात्र ने फीस अधिक होने का आपत्ति किया। तो प्राचार्य चन्द्र शेखर मिश्रा को नागवार लगा। कालेज के कुछ सहयोगियों को बुलाकर उसको एक बंद कमरे में प्रदुम्न शर्मा का विधिवत पिटाई किया। तथा उसके पार्केट से रखा मोबाईल फोन भी छीन लिया। मारने पीटने के बाद प्राचार्य ने छात्र से लिखवाया कि, "हम शराब के नशे में कॉलेज में आकर बवाल किए हैं इससे हम शर्मिंदा है हमारी गलती है और हस्ताक्षर भी करवाए"। इसके पहले जब छात्र नहीं लिख रहा था तो 4 लोग उसके मुंह पर तमाचा तमाचा से पिटाई कर रहे थे अंत में मजबूर होकर छात्र को लिखना पड़ा।
पीठ पर लगे चोट के हिसाब से यह लग रहा है कि छात्र को विधिवत मारा पीटा गया ।
जानकारी के अनुसार पिपराइच थाना क्षेत्र के पोखर भिंडा गांव निवासी प्रदुम्न शर्मा उम्र 19 वर्ष बैलों के पास ननासुभवल गांव में स्थित विजय कुमार अरुंधति देवी महाविद्यालय में बी ए तृतीय वर्ष का छात्र है। छात्र का कहना है कि बुधवार को जब फीस जमा करने तथा छात्रवृत्ति का फार्म भरने के लिए प्राचार्य से मिले तो उन्होंने कहा कि पहले पूरे साडे ₹8000 फीस जमा कर दो तो तुम्हारा छात्रवृत्ति का फार्म भरा जाएगा इस पर छात्र ने फीस अधिक होने का आपत्ति किया। तो प्राचार्य चन्द्र शेखर मिश्रा को नागवार लगा। कालेज के कुछ सहयोगियों को बुलाकर उसको एक बंद कमरे में प्रदुम्न शर्मा का विधिवत पिटाई किया। तथा उसके पार्केट से रखा मोबाईल फोन भी छीन लिया। मारने पीटने के बाद प्राचार्य ने छात्र से लिखवाया कि, "हम शराब के नशे में कॉलेज में आकर बवाल किए हैं इससे हम शर्मिंदा है हमारी गलती है और हस्ताक्षर भी करवाए"। इसके पहले जब छात्र नहीं लिख रहा था तो 4 लोग उसके मुंह पर तमाचा तमाचा से पिटाई कर रहे थे अंत में मजबूर होकर छात्र को लिखना पड़ा।
पीठ पर लगे चोट के हिसाब से यह लग रहा है कि छात्र को विधिवत मारा पीटा गया ।

