आर.पी.पी न्यूज़:(महराजगंज) प्रसन्नता है कि मेरे द्वारा उठाए गए एक प्रमुख मुद्दे पर आज निर्णय लिया गया है, पर यह दुर्भाग्य है कि महराजगंज ज़िले के मधवलिया में निराश्रित गोवंश रखने की जांच में भारी घोटाला सामने आया है। मैं अपने साथियों के साथ पिछले महीने यहाँ गयी थी और तब घोर अनियमितताएँ पाने पर मैंने कुछ प्रश्न उठाए थे। जहाँ पर 2500 गोवंश होना चाहिए था वहाँ केवल 954 ही पाए गए। यह मामला भी खुल के सामने आया था कि 501 एकड़ गो सदन की जमीन का आधे से ज़्यादा हिस्सा लगभग 300 एकड़ जमीन लीज पर गोरखपुर के व्यापारी श्री पोद्दार को दी गयी थी। इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मैंने पूछा था कि कैसे सरकारी ज़मीन बिना किसी प्रतिस्पर्धी बोली (कम्पेटिटिव बिडिंग) के एक ही व्यक्ति को किराए पर दे दी गई? आख़िरकार इसको लीज़ पर देने का हक़ किसका था, कौन सी प्रक्रिया अपनायी गयी? यह सवाल मैंने उठाए थे।
निलम्बित सरकारी कर्मचारियों को सज़ा मिलना सही है पर क्या प्रशासन के अलावा महराजगंज के निर्वाचित विधायकों और सांसद की कोई ज़िम्मेदारी नहीं बनती? यह पूरी मिली भगत का मामला है। शर्मनाक बात तो यह है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की नाक के नीचे गाय माता में नाम पर हो रहे इस घोटाले में कहीं ना कहीं तो उनकी भी ज़िम्मेदारी बनती है।
अपने ही बग़ल वाले ज़िले में हो रहे इतने व्यापक भ्रष्टाचार के बारे में योगी आदित्यनाथ जी का क्या कहना है और सांसद पंकज चौधरी जी की कौन सी नैतिक ज़िम्मेदारी है क्योंकि इस तरह के व्यापक घोटाले की आशंका अन्य गौसदन में तो हैं ही, साथ ही साथ विकास के और भी तमाम कार्यक्रमों में जिस सुनियोजित तरीक़े से भ्रष्टाचार चल रहा है वह निंदनीय है। पर अब यह बहुत दिन नहीं चलेगा, कांग्रेस पार्टी सजग है और अपने पिता स्वर्गीय हर्षवर्द्धन जी से प्रेरित हो कर मैं सच्चाई का पर्दाफ़ाश करती रहूँगी और सत्ता एवं प्रशासन में बैठे दलालों से जनता के हक़ पर सवाल उठाती रहूँगी।
निलम्बित सरकारी कर्मचारियों को सज़ा मिलना सही है पर क्या प्रशासन के अलावा महराजगंज के निर्वाचित विधायकों और सांसद की कोई ज़िम्मेदारी नहीं बनती? यह पूरी मिली भगत का मामला है। शर्मनाक बात तो यह है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की नाक के नीचे गाय माता में नाम पर हो रहे इस घोटाले में कहीं ना कहीं तो उनकी भी ज़िम्मेदारी बनती है।
अपने ही बग़ल वाले ज़िले में हो रहे इतने व्यापक भ्रष्टाचार के बारे में योगी आदित्यनाथ जी का क्या कहना है और सांसद पंकज चौधरी जी की कौन सी नैतिक ज़िम्मेदारी है क्योंकि इस तरह के व्यापक घोटाले की आशंका अन्य गौसदन में तो हैं ही, साथ ही साथ विकास के और भी तमाम कार्यक्रमों में जिस सुनियोजित तरीक़े से भ्रष्टाचार चल रहा है वह निंदनीय है। पर अब यह बहुत दिन नहीं चलेगा, कांग्रेस पार्टी सजग है और अपने पिता स्वर्गीय हर्षवर्द्धन जी से प्रेरित हो कर मैं सच्चाई का पर्दाफ़ाश करती रहूँगी और सत्ता एवं प्रशासन में बैठे दलालों से जनता के हक़ पर सवाल उठाती रहूँगी।

