खानापूर्ति कर मामले की इतिश्री करने में जुटे अधिकारी ,गेहूं खरीद के भुगतान में केन्द्र प्रभारी ने किया भारी गोलमाल
आर पी पी न्यूज़ : अरविन्द यादव की रिपोर्ट -महराजगंज- उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों ने किसानो की अनाज खरीदने के लिए फरमान जारी तो कर दिए कि 72 घंटे के अंदर उनके पैसा का भुगतान कर देना होगा लेकिन नौतनवां तहसील के विकास खंड लक्ष्मीपुर में शासन के इस फरमान पर पानी फिर गया।
उल्लेखनीय है कि प्रभारियों का मनमानी से गेहूं खरीद के पांच माह बाद भी किसान को उसके गेहूं का पूरा पैसा भुगतान नहीं हुआ और किसान के द्वारा शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी खानापूर्ति कर मामले की इतिश्री करने में जुटे हैं।
विकास खंड लक्ष्मीपुर के ग्राम पंचायत कोट कम्हरिया के किसान हरिकेश चन्द्र पाठक ने जिलाधिकारी को दिए शिकायत पत्र में कहा है कि उन्होंने पीसीयू के क्रय केन्द्र मल्हनी फुलवरिया में 06 व 07 मई 2019 को 110 कुंतल 50 किलो गेहूं तौल कराया था। जिसके पैसा उनके व उनके भाई के खाते में जाना था। जिसके लिए क्रय केन्द्र प्रभारी को किसान पंजीकरण व अन्य जरूरी कागजात तौल से पहले उपलब्ध करा दिया गया था। लेकिन तौल के 72 घंटे के भीतर भुगतान करने के शासन के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए सचिव ने 29 मई 2019 को एक खाता में महज 19530 रूपये भेजकर कोरम पूरा कर लिया। जिसकी शिकायत विपणन निरीक्षक से करने के बाद 99 कुंतल का पैसा तौल के करीब डेढ़ माह बाद 18 जून 2019 को भेजा गया। फिर भी क्रय केन्द्र प्रभारी द्वारा उक्त किसान के एक कुंतल का पैसा कम भेजा गया। एक कुंतल के पैसे नहीं भेजने व शासन के नियमों के विरुद्ध 72 घंटे के बजाय डेढ़ माह बाद पैसा भेजे जाने की जांच कराने व इससे होने वाले क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर उक्त किसान ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग किया है।

