गाँव से देश तक हर ख़बर पर नज़र


आप सभी पाठकों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, आर.पी.पी न्यूज़ के 32 लाख व्यू होने पर आप सभी पाठकों को धन्यवाद। नोट:- किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद में न्यायालय क्षेत्र महराजगंज ही होगा **************************अगर आप के आस पास किसी के साथ अन्याय हो रहा है तो चुप न रहे आवाज उठायें आपकी ख़ामोशी अपराधियों की ताकत है आज अपराध का शिकार कोई और है कल आप भी इस का शिकार हो सकते है ख़बरों के लिए या हमसे जुड़ने के लिए हमारी ईमेल पर या Whatsapp 854399183, 9198764783पर संपर्क करे *
BREAKING NEWS:

मुख्य खबरें

Sunday, 12 January 2020

RPP NEWS

12 जनवरी आज युवा दिवस पर जानिए उन युवाओं के बारे में जिन्होंने ने अपने अथक प्रयासो से कारोबार जगत में नई पहचान बनाई

आर.पी.पी न्यूज़:(नई दिल्ली) अथक प्रयासों के बावजूद भी बहुत लोगों को जीवन में असफलता ही मिलती है। ऐसे में लोग ऐसा सोचने लग जाते हैं कि सफलता उनके भाग्य में ही नहीं है। लेकिन दुनिया में कई ऐसे युवा हैं जिन्होंने कम उम्र में ही अपार सफलता प्राप्त की है। इनकी कहानी लाखों लोगों को प्रेरणा दिती है। कड़ी मेहनत कर या अपने अनोखे विचारों से इन लोगों ने कारोबार जगत में एक नई पहचान बनाई है। 12 जनवरी 2020 को युवा दिवस है और स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस भी है। इस अवसर पर हम आपको कुछ ऐसे युवा कारोबारियों की बातें बताने जा रहे हैं, जिनसे आप प्रेरणा ले सकते हैं और भविष्य में अपना नाम बना सकते हैं।

रितेश अग्रवाल, सीईओ, OYO

                                                रितेश अग्रवाल, सीईओ, OYO

रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवंबर 1993 को उड़ीसा के राज्य कटक के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। उनके पिता इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन के साथ काम करते हैं और उनकी माता हाउसवाइफ हैं। रितेश ने प्रारंभिक शिक्षा जिले के प्राइवेट स्कूल से पूरी की और इसके बाद इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड फाइनेंस में दाखिला लिया था। लेकिन उन्होंने बिजनेस शुरू करने के लिए अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी, क्योंकि वह अपने जीवन में मार्क जुकरबर्ग और स्टीव जॉब्स की तरह कुछ करना चाहते थे। कम उम्र में उनके द्वारा उठाए गए इस कदम से उन्हें अपार सफलता मिली। सन 2012 में केवल 18 वर्ष की उम्र में रितेश ने अपने स्टार्टअप OREVAL STAYS की शुरुआत की। इस कंपनी का लक्ष्य यात्रियों को थोड़े समय के लिए किफायती दामों पर कमरा उपलब्ध करवाना था। जिसे कोई भी आसानी से ऑनलाइन बुक कर सकता था। इसके बाद ही रितेश को वेंचर नर्सरी से 30 लाख रुपये का फंड मिला गया था। वहीं, घाटे के चलते सन 2013 में रितेश ने OREVAL कंपनी को ओयो रूम्स के नाम से दोबारा लॉन्च किया था।
''आपका ब्रांड आपकी संस्कृति, उद्देश्य और पहचान को दर्शाता है।''

सचिन बंसल, संस्थापक, फ्लिपकार्ट

                             सचिन बंसल, संस्थापक, फ्लिपकार्


सचिन बंसल एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, इंटरनेट उद्यमी और भारत के बड़े ई-कॉमर्स औद्योगिक संस्था फ्लिपकार्ट के संस्थापक हैं। सचिन मूल रूप से चंडीगढ़ के हैं, जिन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में स्नातक किया। साल 2007 में अपने मित्र बिन्नी बंसल के साथ फ्लिपकार्ट की स्थापना की थी। हालांकि वर्तमान में फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक कल्याण कृष्णमूर्ति और बिन्नी बंसल हैं। फ्लिपकार्ट ने बहुत कम समय में देश में अपनी पहचान बनाई। साल 2019 में सचिन बंसल ने चैतन्य रूरल इंटरमीडिएशन डेवलपमेंट सर्विसेज ( CRIDS ) में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी थी। बंसल ने इस गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में 739 करोड़ रुपये का निवेश किए हैं। फ्लिपकार्ट के पूर्व सीईओ और सह-संस्थापक माइक्रो-फाइनेंस कंपनी सीआरआईडीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। सीआरआईडीएस की शुरुआत साल 2009 में हुई थी। यह कंपनी दोपहिया वाहनों, हाउसिंग, छोटे कारोबारों और शिक्षा के लिए लोन प्रदान करती है। 

''अगर आपका रवैया ठीक है और आप सफल होना चाहते हैं, तो उम्र मायने नहीं रखती।''

निकेश अरोड़ा, सीईओ, पालो आल्टो नेटवर्क्स


सॉफ्टबैंक के सीओओ के रूप कार्य कर चुके दिल्ली से सटे गाजियाबाद निवासी निकेश अरोड़ा सिलिकॉन वैली स्थित साइबर सुरक्षा की दिग्गज कंपनी पालो आल्टो नेटवर्क के सीईओ हैं। ये पद संभालते ही वो दुनिया भर में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वालों में से एक शख्स बन गए थे। उन्हें सालाना 128 मिलियन डॉलर यानी करीब 858 करोड़ रुपये वेतन मिला है। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई दिल्ली में एयरफोर्स के स्कूल से की थी। इसके बाद उन्होंने 1989 में बीएचयू आईटी से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। फिर विप्रो में नौकरी शुरू की, लेकिन जल्द ही छोड़ दी और आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए। उन्होंने बोस्टन की नॉर्थ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। 1992 में उन्होंने पहली नौकरी ज्वाइन की। बोस्टन कॉलेज में उन्होंने फाइनेंशल प्रोग्राम की पढ़ाई शुरू की और क्लास में टॉप किया। 2004 से 2007 तक निकेश, गूगल के यूरोप ऑपरेशन हेड थे। इसके बाद 2011 में निकेश गूगल के चीफ बिजनेस ऑफिसर बन गए। इस दौरान निकेश गूगल में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वालों में शामिल हो गए। 2014 में निकेश ने गूगल छोड़ सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन ज्वाइन कर लिया। यहां निकेश को ग्लोबल इंटरनेट इनवेस्टमेंट प्रमुख की जिम्मेदारी मिली। कम उम्र में ही उन्होंने बड़ी सफलता प्राप्त की थी।

''मैं केवल उन संस्थापकों में निवेश करता हूं जो मेरे दोस्त बनने के इच्छुक हैं और बड़ी कंपनियों का निर्माण करना चाहते हैं।''

जेफ बेजोस, सीईओ, अमेजन 

फोर्ब्स की सूची के मुताबिक, जेफ बेजोस दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी नेटवर्थ आठ लाख करोड़ रुपये है। जेफ बेजोस ने 16 जुलाई 1995 को अमेजन की शुरुआत की थी। आज अमेजन दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी में शुमार है। लेकिन जेफ बेजोस का यह सफर आसान नहीं रहा है। बेजोस ने 16 साल की उम्र में मैकडोनाल्ड में पहली नौकरी की थी। वहां उन्हें सफाई का काम मिला था, जो उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं था। यहां से मिली सीख को उन्होंने आगे अपनी कंपनी अमेजन में लागू किया। बेजोस ने कहा था कि अमेजन ने दुनिया भर में ग्राहकों का दिल जीता है। अमेजन ने ग्राहकों को कम से कम कीमतों में उत्पाद मुहैया कराए हैं। 18 साल से भी कम उम्र से ही उन्होंने कड़ी मेहनत करना शुरू कर दी थी और आज वे लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।  

''मेहनत से काम करो, मजे से काम करो और इतिहास रचो।''
ऐसे ही कितने युवा आज अपने जुनून और हुनर से अपने जुझारू प्रयास के कारण सफलता हासिल कर बड़े से बड़े अड़चनों को पीछे ढकेल अपना नाम पूरे विश्व मे रोशन कियें।

RPP NEWS

About RPP NEWS -

आर.पी.पी. न्यूज़ एक वेब और मोबाइल आधारित न्यूज़ नेटवर्क है| नागरिक पत्रकारिता और हमारे पाठकों की राय और विचारों पर जोर और बढ़ावा देने की दृष्टी से ही स्थापित किया गया है| हम देश भर में हो रही सभी घटनाओं पर एक ताज़ा दृष्टीकोण लाने की कोशिश कर रहे हैं |

Subscribe to this Blog via Email :