ब्रेकिंग न्यूज़ - मदरसो के मौलाना चुनाव ड्यूटी से कतराते पर तनख़ाह चाहिए पूरे
आर पी पी न्यूज़ : ब्यूरो महराजगंज -महराजगंज रमज़ान के पवित्र महीना में इस बार लोक सभा का चुनाव होगा महराजगंज में19 मई को सातवी चरण में चुनाव होना है ,इस के लिए मतदान में सरकारी कर्मियों की डियुटी लगाई जाती है उस में सभी वर्ग के लोग होते है,और वह देश पर्व समझ कर इस मे भाग लेते है।इस बार मदरसों के मौलाना लोग ड्यूटी को लेकर काफी परीशान है ,जब कि अन्य विभागों में तैनात मुस्लिम कर्मचारियीं की संख्या इन से बहुत अधिक है परन्तु उन्हें कोई बेचैनी नही है वह खुशी से ड्यूटी करेंगे जब कि वह भी रोज़ रखेंगे तरावीह पढ़ेंगे,मगर मौलाना लोग जो पहले भी ड्यूटी से कतराते थे इस बार तो उन के पास रमज़ान का बहाना है,लोगों का कहना हैं कि चुनाव देश का राष्ट्रीय पर्व है इस मे शामिल न होने की बात करना उचित नही है, मदरसा टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले अध्यक्ष मौ,सफीउल्लाह खान ,अशरफ नूरानी,समेत अन्य मेम्बर जिलाधिकारी को पत्र देकर कुछ मौलाना लोगों को चुनाव ड्यूटी से अलग रखने का पत्र दिए है ,और पत्र में दर्शाया गया है कि वह रमज़ान में चंदा करते है तरावीह पढ़ाते है,उन के पत्र को लेकर लोगों में विभिन्न प्रकार की बातें हो रही है लोगों का कहना है कि ऐसा नही है की केवल मौलाना लोग ही चंद करते है,चंदा तो मदरसों के तमाम अध्यापक चाहे वह मौलाना हैं या मास्टर सब करते है सब तरावीह की विशेष नमाज़ पढ़ते हैं रोज़ा रखते है,केवल मौलाना लोगों को ड्यूटी से अलग करने की मांग अनुचित है,कई लोगों ने बताया कि मदरसों के प्रधानाचार्य लोगो को नमाज़ पढ़ाने के नाम पर ड्यूटी नही लगाई जाती यह यह भी टोटल गलत है कोई भी नमाज़ नही पढ़ाता उन की भी ड्यूटी लगनी चाहिए,ड्यूटी से अलग रहने की बात करना लोकतंत्र पर हमला है,और इस्लाम मज़हब और मदरसों को आड़ बनाकर अपना उल्लू सीधा करना है।लोगो का कहना है कि जब सरकारी वेतन लेते है तो चुनाव ड्यूटी से क्यों कतरा रहे है,मज़हब के नाम पर यह गलत परम्परा है इसे बंद क्या जाना चाहिए

