बन्दरों ने क्षेत्र में मचाया कोहराम तथा ग्रामीण डर के साए में जीने के लिए हुए मजबूर।
आर पी पी न्यूज़ : सवांददाता मसालुद्दीन - इन दिनों परतावल विकास खंड के अंतर्गत व पनियरा जंगल के करीब के गावों में बंदरों के आतंक से क्षेत्र के ग्रामीण डरे हुए हैं। बंदर जहां ग्रामीणों के फसलों को नष्ट कर रहे हैं वहीं महिलाओं, पुरुषों व बच्चों को मार और काट कर घायल कर दिया है। पिछले एक सप्ताह मे दो ग्राम सभा बरवां उर्फ सियरही भार तथा लक्ष्मीपुर जरलहिया के ही लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों को एक पागल बंदर काटा। बरवां उर्फ सियरही भार के इंसाफ अली पुत्र निजामुद्दीन उम्र 55 वर्ष को धक्का दिया जिससे उनका पैर टूट गया, वहीं कमाल पुत्र सफीक उम्र 57 वर्ष , सोहनलाल पुत्र गुलाबचंद्र उम्र 38 वर्ष, परवेज पुत्र इस्राइल उम्र 32 वर्ष, जिब्राईल पुत्र अजीमुल्लाह उम्र 36 वर्ष तथा ग्राम सभा लक्ष्मीपुर जरलहिया के टोला कंचनपुर के बिंदु पुत्र रामानंद उम्र 57 वर्ष , परदेशी पुत्र विंध्याचल उम्र 70 वर्ष, पूरन पुत्र लखराज उम्र 75 वर्ष, रामनयन पुत्र जयकरन उम्र 58 वर्ष व विश्वनाथ के घर आए एक 42 वर्षीय रिस्तेदार को पागल बंदर द्वारा काट कर घायल कर दिया गया । उक्त घायल व्यक्तियों में दो या तीन का इलाज गोरखपुर चल रहा है।
इस तरह बंदरों का आतंक को देखकर क्षेत्र के लोगों में काफ़ी डर व वन्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। क्योंकि आए दिन समाचारपत्र के माध्यम से बंदरों के तांडव की खबर प्रकाशित हो रही है लेकिन वन्य विभाग के कानों में जू नही रेंग रहा है। वन अधिकारियों से बात करने पर बताया गया की शासन की तरफ के बंदरो पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं है न ही शासन की तरफ से कोई आदमी ही बंदरो को पकड़ने के लिए मिला है | अगर बंदरों को पकडे के लिए आदमी बुलाया जाता है तो उसका खर्चा ग्रमीणो को देना होगा |
आर पी पी न्यूज़ : सवांददाता मसालुद्दीन - इन दिनों परतावल विकास खंड के अंतर्गत व पनियरा जंगल के करीब के गावों में बंदरों के आतंक से क्षेत्र के ग्रामीण डरे हुए हैं। बंदर जहां ग्रामीणों के फसलों को नष्ट कर रहे हैं वहीं महिलाओं, पुरुषों व बच्चों को मार और काट कर घायल कर दिया है। पिछले एक सप्ताह मे दो ग्राम सभा बरवां उर्फ सियरही भार तथा लक्ष्मीपुर जरलहिया के ही लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों को एक पागल बंदर काटा। बरवां उर्फ सियरही भार के इंसाफ अली पुत्र निजामुद्दीन उम्र 55 वर्ष को धक्का दिया जिससे उनका पैर टूट गया, वहीं कमाल पुत्र सफीक उम्र 57 वर्ष , सोहनलाल पुत्र गुलाबचंद्र उम्र 38 वर्ष, परवेज पुत्र इस्राइल उम्र 32 वर्ष, जिब्राईल पुत्र अजीमुल्लाह उम्र 36 वर्ष तथा ग्राम सभा लक्ष्मीपुर जरलहिया के टोला कंचनपुर के बिंदु पुत्र रामानंद उम्र 57 वर्ष , परदेशी पुत्र विंध्याचल उम्र 70 वर्ष, पूरन पुत्र लखराज उम्र 75 वर्ष, रामनयन पुत्र जयकरन उम्र 58 वर्ष व विश्वनाथ के घर आए एक 42 वर्षीय रिस्तेदार को पागल बंदर द्वारा काट कर घायल कर दिया गया । उक्त घायल व्यक्तियों में दो या तीन का इलाज गोरखपुर चल रहा है।
इस तरह बंदरों का आतंक को देखकर क्षेत्र के लोगों में काफ़ी डर व वन्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। क्योंकि आए दिन समाचारपत्र के माध्यम से बंदरों के तांडव की खबर प्रकाशित हो रही है लेकिन वन्य विभाग के कानों में जू नही रेंग रहा है। वन अधिकारियों से बात करने पर बताया गया की शासन की तरफ के बंदरो पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं है न ही शासन की तरफ से कोई आदमी ही बंदरो को पकड़ने के लिए मिला है | अगर बंदरों को पकडे के लिए आदमी बुलाया जाता है तो उसका खर्चा ग्रमीणो को देना होगा |



