आर.पी.पी.न्यूज़
संवाददाता नूर मोहम्मद :
महराजगंज।
जली को आग,बुझी को राख कहते है और जो दूसरे की गाड़ी पर आपका चालान काट दे उसे महराजगंज का ट्रैफिक हवलदार कहते है।जी हा!हंसिए मत,शत्रुधन सिंहा का फिल्मी डायलाग महराजगंज ट्रैफिक पुलिस पर शत प्रतिशत सटीक बैठ रहा है जिसके अजीबो गरीब कारनामे से जनता खूब हलकान हो रही है और साथ मे पुलिस विभाग की किरकिरी भी हो रही है।महराजगंज ट्रैफिक पुलिस के एक गैर जिम्मेदराना कृत्य से एक व्यक्ति इस कदर परेशान हो उठा जिसमे उसकी कोई गलती ही नही है।प्रकरण मे पुलिस अपनी गलती तो स्वीकार कर रही है लेकिन जुर्माना माफ करने की पहल से कन्नी काट रही है।
कोतवाली थानाक्षेत्र के भिटौली निवासी चंदन मद्धेशिया की बाइक का चालान नोटिस मिला तो वे हतप्रभ रह गये।चालान मे पुलिस द्वारा चालान हुई बाइक की तस्वीर नोटिस मे किसी दूसरे की गाड़ी की है लेकिन चालान सीट पर चदंन की बाइक का नम्बर अंकित है।चालान पत्र मे बाइक पर जब चदंन ने ध्यान गड़ाया तो वह किसी दूसरे की गाड़ी दिखी तब चदंन को पुलिस के कृत्य का पता चला।चदंन के नाम से कटे चालान मे एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।चदंन ने जब पुलिस से गुहार लगाई की दूसरे की गाड़ी पर उसके बाइक का चालान कट गया है तो पुलिस को गलती का अहसास हुआ लेकिन पुलिस जुर्माना माफ करने के तरीके बताने से परहेज कर रही है।चदंन की माने तो पुलिस का कहना है कि भले ही गलती पुलिस से हुई है लेकिन जुर्माना उसे भरना ही पड़ेगा।चंदन का कहना है कि उनकी गाड़ी नीले रंग की अपाची है जिसका नम्बर UP56R6442 है जबकि चालान नोटिस मे पोस्ट बाइक अपाची नही बल्कि किसी दूसरे कम्पनी की काले रंग की है।पुलिस द्वारा बाइक नम्बर के अंको मे लिखने की गलती से भारी भरकम चालान उस बाइक स्वामी के नाम से कट गया है जिसकी गाड़ी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन किया ही नही।चदंन चालान से बचने के लिए पुलिस का चक्कर काट रहे है और पुलिस समाधान के बजाय चालान भरने की नसीहत दे रही है।पुलिस के इस कृत्य की क्षेत्र मे खूब चर्चा हो रही है।बेगुनाह को बचाने के बजाय बिना गलती के ही दंड सहने की सलाह पर आलोचना भी हो रही है।

